पानीपत। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के संपदा कार्यालय और कार्यकारी अभियंता कार्यालय में कई अनियमितता पाई गई हैं। दोनों कार्यालयों में कर्मचारी गैरहाजिर रहने के साथ रिकॉर्ड भी पूरा नहीं बना पा रहे हैं। सीवर और पानी का शहरवासियों पर करीब 1.56 रुपये बकाया है। इसकी रिकवरी की कार्रवाई भी नोटिस देने तक है। वहीं सीवर और पानी के अलावा कब्जा और वाणिज्यिक गतिविधियों पर कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड नहीं है। अगर रिकॉर्ड है तो वह जेई अपने साथ लेकर घूम रहे हैं।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता करनाल की टीम ने शुक्रवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कार्यालय का औचक निरीक्षण कर इस तरह की अनियमितता पकड़ी हैं। टीम को कर्मचारियों के समय पर हाजिर न होने व अन्य अनियमिताओं की गुप्त सूचना मिली थी। टीम में उप निरीक्षक राज सिंह, श्रवण कुमार व उप निरीक्षक सुरेश कुमार शामिल रहे। यहां करीब सात घंटे की लंबी कार्रवाई चली।
रिहायशी प्लाॅटधारकों द्वारा रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट के माध्यम ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट के लिए ओएबीपी पोर्टल की साइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। एक अप्रैल 2023 से 14 जून 2024 तक 374 फाइल रिहायशी कंपलीशन के लिए प्राप्त हुई। जिसमें से 251 मंजूर और 41 रिजेक्ट की गई। ऑनलाइन डाटा अनुसार केवल पांच फाइन कार्यालय में लंबित हैं। वाणिज्यिक में रिहायशी प्लाॅटधारकों द्वारा एक अप्रैल 2023 से 26 जुलाई 2024 तक 53 फाइल प्राप्त हुई। जिसमें से 34 अप्रूव और 16 रिजेक्ट की गई। तीन फाइल विचाराधीन हैं।
एनओसी व एनईसी के लिए विभाग की साइट पर अपना यूजर आईडी पासवर्ड का प्रयोग कर स्वयं प्राप्त किया जाता है। रि-अलॉटमेंट के लिए 1410 फाइल प्राप्त हुई। जिनमें से 1331 अप्रूव और 77 रिजेक्ट की गई। दो फाइलों पर कार्य प्रगति पर है।
सीवरेज व पानी की जिम्मेदारी कार्यकारी अभियंता के अधिकार क्षेत्र में आता है। सीवरेज व पानी की शिकायतों का लेकर कोई भी रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। इनके बकाया बिलों की राशि 8.86 करोड़ रुपये बनती है। जिसमें 7.29 करोड़ रुपये की रिकवर की जा चुकी है। 1.56 करोड़ रुपये की राशि बकाया मिली। इसको लेकर संबंधित को नोटिस देना पाय गया। जमीन अधिग्रहण या कब्जा को लेकर कार्यालय द्वारा कोई भूमि अधिग्रहण नहीं की गई। बड़ी बात प्राधिकरण के पास जमीन पर कब्जा और इसको लेकर की कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। कर्मचारियों ने बताया कि यह रिकॉर्ड जेई के पास हैं और दोनों जेई रामपाल आर्य तथा रिक्की छुट्टी पर हैं। स्टीलट प्लस फोर का कोई भी नक्शा 23 फरवरी 2023 के बाद पास नहीं किया गया। रिहायशी प्लाटों में चल रही वाणिज्यिक गतिविधियों की अनुमति और नोटिस को लेकर कोई रिकॉर्ड नहीं पाया गया। यह रिकॉर्ड भी जेई के पास होना बताया गया। संपदा अधिकारी व कार्यकारी अभियंता के कार्यालय के सभी 27 सीसीटीवी कैमरे सुचारु मिलें। पेयजल व सफाई व्यवस्था उचित हैं। कार्यालय की बायोमीट्रिक मशीन खराब होनी पाई गई।
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कई कर्मचारी गैरहाजिर मिले
टीम के पहुंचने पर यहां सहायक उप अधीक्षक राजेंद्र कुमार हाजिर मिले। उन्होंने बताया कि संपदा अधिकारी योगेश रंगा जिला सचिवालय में समाधान शिविर शामिल है। टीम ने हाजिरी की जांच की तो 22 में से सहायक विजेंद्र, जेई रामपाल आर्य, क्लर्क आतिश आकस्मिक अवकाश पर मिलें। जबकि हरियाणा कौशल के अंतर्गत नियुक्त सहायक लेखाकार कपिल गैरहाजिर मिले। वहीं कार्यकारी अभियंता के 22 में से एसडीई शशि बाला व जेई रिक्की आकस्मिक अवकाश, जबकि सुनील कुमार क्लर्क, सुरेंद्र कौर चपरासी व केशव चपरासी गैर हाजिर मिले।
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सफाई का टेंडर फर्म को नहीं किया अलॉट
संपदा कार्यालय वित्तीय वर्ष 2023-24 में कोई टेंडर आमंत्रित नहीं किया गया। वर्ष में सेक्टरों में साफ सफाई को लेकर में टेंडर लगाया था। इसको 22 जुलाई को खोला था, लेकिन अभी तक किसी फर्म को टेंडर नहीं दिया गया है। कार्यकारी अभियंता कार्यालय द्वारा वर्ष 2023-24 में करीब 404 ऑनलाइन निविदा लगाई गए। इनमें से 395 पर कार्य पूर्ण कर लिया गया, जबकि नौ पर कार्य प्रगति पर हैं। सीएम विंडो और जनसंवाद को लेकर संपदा कार्यालय में वर्ष 2023-2024 में सीएम विंडो की 92 शिकायत प्राप्त हुई। जिनमें से 39 एटीआर रिपोर्ट भेजी गई हैं। तीन को डिस्पोज किया गया। 50 शिकायत लंबित हैं। जनसंवाद की नौ में से तीन पर एटीआर रिपोर्ट भेजी गई है। जबकि छह लंबित हैं। कुछ शिकायत ओस्टिज क्लेम से संबंधित मिली हैं। इनकी रिपोर्ट मुख्यालय में भेजी गई हैं। सीएम विंडो की लंबित 50 शिकायत की समय अवधि एक माह से अधिक पाई गई। कार्यकारी अभियंता में वर्ष 2023-2024 में सीएम विंडे की 15 में से तीन पर एटीआर रिपोर्ट भेजी गई है। 11 डिस्पोज की गई है और एक शिकायत लंबित है। जनसंवाद की 33 में से तीन शिकायत डिस्पोज की जा चुकी हैं। एक शिकायत 11 सितंबर 2023 से लंबित पाई गई है।