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Panipat News: मानसून से पहले नपा की तैयारी शून्य, बारिश में होगा जलभराव

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समालखा। शहर में निकासी व्यवस्था बदहाल है, वहीं जीटी रोड के साथ लगती कई कालोनियों की हालत तो और दयनीय है। वर्षों से वो इस समस्या को झेल रहे हैं। हालात यह है निकासी को लेकर नगरपालिका का अपना ड्रेन भी नहीं है और बिजली केबल बिछाने के लिए खोदे गए ट्रंच में ही इस तरफ का पानी जा रहा है। सीवरेज जाम होने पर भी खोलने को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग और एचएसआईआईडीसी की व्यवस्था भी लचर है।
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उल्लेखनीय है कि शहर में निकासी व्यवस्था की हालत अवैध अतिक्रमण, नालों की ढंग से सफाई नहीं होने, प्रशासन के ढीले रवैये के चलते बदतर हो गई है। वहीं जीटी रोड के साथ लगती कालोनियों की निकासी भी इससे इतर नहीं है। वर्षों पहले काॅलोनाइजरों द्वारा काटी गई इन कालोनियों में भी नगरपालिका द्वारा नालियां तो बनाई गई हैं लेकिन उनकी सफाई कराने को लेकर लोग शिकायत करते रहते हैं लेकिन सुनवाई नहीं होती है।

संगम कालोनी, ऑफिसर कालोनी, पंचवटी, आदर्श नगर, मयूर विहार, गांधी कालोनी, सीताराम कालोनी इनमें शामिल हैं। दूसरी तरफ इंडस्ट्रियल एरिया शामिल है। वहीं साथ लगती नपा सीमा के साथ लगती अवैध कालोनियों के गंदे पानी की निकासी की समस्या का हल आज तक प्रशासन नहीं कर सका है। लोग नपा, उपमंडल कार्यालय, विधायक, सांसद तक को इस बारे में शिकायत कई बार कर चुके हैं। माता पुली रोड, बैनीवाल चौक, खटीक बस्ती, दुर्गा कालोनी में बारिश के दिनों बुरा हाल होता है।
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नगरपालिका निकासी को लेकर चाहे जो भी दावे करे लेकिन वास्तविकता ये है कि पानीपत सर्विस लेन पर तो नगरपालिका का अपना ड्रेन भी नहीं है। सर्विस लेन के साथ लगती इमारतों का गंदा पानी बिजली लाइन बिछाने के लिए खोदे गए ट्रंच में जाता है। यही हालात दिल्ली लेन का भी है। वहां भी निकासी की हालत बुरी है।

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रोड के पानी की निकासी का काम भी बंद

पिछले दिनों एनएचएआई द्वारा रोड पर गंदे पानी की निकासी को लेकर पुराने बस अड्डे की पानीपत लेन पर पाइप बिछाकर रेलवे रोड के साथ ज्वाइंट किया गया था। लेकिन यह काम भी अधर में पड़ा है और कभी भी बरसात आ सकती है। जिससे निकासी की पोल तो खुलेगी वहीं बड़े गड्डे हादसों का कारण भी बन सकते हैं।




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नाला गैंग भी केवल औपचारिकता -

नगरपालिका द्वारा हर वर्ष मानसून के मौसम में शहर में जलभराव, निकासी की समस्या नहीं हो इसके लिए सफाई कर्मी (नाला गैंग) रखे जाते हैं। इस बार भी 15 सफाई कर्मी रखे गए हैं। जबकि नगरपालिका में 82 सफाई कर्मी हैं जिनमें 65 कच्चे व 17 पक्के कर्मी है। बावजूद इसके नालियों की सफाई नहीं हो रही। प्रवीन बॉबी, अनिल, विकास, योगेश, मनोज, जतिन, राजेश का कहना है कि नाला गैंग सफाई तो कर नहीं रहा और ये तो केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए कुछ जगहों पर सफाई कर चले जाते हैं। मुख्य समस्या वैसे ही बनी रहती है।

वर्जन-
सफाई निरीक्षक विकास नरवाल ने बताया कि जहां नाले खुले हैं वहां तो सफाई की जा रही है लेकिन थड़े बनाकर ढके नालों की सफाई करना संभव नहीं है। थड़े तोडऩे के लिए नपा सचिव लिखा हुआ है।
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