पानीपत। निगम क्षेत्र में अगर किसी संपत्ति का कर ज्यादा है तो इसे ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर ठीक नहीं कराया जा सकता। इसके लिए नगर निगम में फाइल ऑफलाइन जमा करवानी होगी। इस ऑफलाइन फाइल पर निगम अधिकारियों की कमेटी अंतिम निर्णय लेगी। जिसमें सबसे पहले निगम के अधिकारी संपत्ति की मौका रिपोर्ट तैयार करवाएंगे। जिसमें संपत्ति के दस्तावेजों के साथ फोटाेग्राफरी भी होगी। रिपोर्ट के बाद फाइल को कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
खास बात ये है कि संपत्ति कर कम करवाने को लेकर इस कमेटी की बैठक माह में एक बार ही होगी। जिसमें कमेटी का निर्णय ही सर्वाेपरि होगा। इस कमेटी की अध्यक्षा निगम के अतिरिक्त आयुक्त करेंगे। जबकि कमेटी में क्षेत्रीय कराधान अधिकारी, जेई, वार्ड क्लर्क भी शामिल होंगे। दूसरी ओर अगर विकास शुल्क से लेकर नाम, पता, एरिया बदलवाने के लिए ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। ये प्रक्रिया पहले की तरह सामान्य रहेगी।
अधिकारियों ने बताया कि किसी भी संपत्ति का अगर टैक्स यानी कर ज्यादा बना है और आवेदक दावा करता है कि उसका कर गलत है और ज्यादा बनाया गया है तो वह इसके लिए निगम में ऑफलाइन फाइल जमा करवा सकता है। इसका ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करवाने पर समाधान नहीं होगा। इस फाइल में आवेदक की संपत्ति के सभी दस्तावेजों के साथ संपत्ति कर रंगीन फोटो और शपथ पत्र भी लगाना होगा। आवेदन के बाद उक्त संपत्ति की मौका रिपोर्ट वार्ड जेई और क्लर्क से कराई जाएगी। मौके का मुआयना करने के बाद वे तस्दीक करेंगे कि संपत्ति में मौके पर क्या बना हुआ है। ज्यादा संपत्तिकर वाले मामलों में अधिकतर केस मिक्स यूज श्रेणी वाली संपत्तियों के आते हैं। जिनमें मकान के साथ दुकान या अन्य कॉमर्शियल गतिविधि होती है। इस गतिविधि के आधार निगम संपत्ति कर का टैक्स जोड़ देता है। ये टैक्स पिछले दस सालों का भी जोड़ा गया हो सकता है।
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नगर निगम के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी कुलदीप राणा बताते हैं कि संपत्तिकर ज्यादा होने का दावा करने वालों के लिए निगम में ये विकल्प है। ऐसे लोग ऑफलाइन फाइल जमा करवा सकते हैं। अगर जांच में संपत्तिकर ज्यादा मिलता है तो उसे संपत्तिकर श्रेणी और मौका रिपोर्ट के साथ अन्य दस्तावेजों के आधार पर सही किया जा सकता है।