पानीपत। अब संपत्तिकर शाखा और संपत्तिकर आईडी से संबंधित काम से निगम की तकनीकी टीम को बदला जाएगा। ये काम केवल क्लर्क या गैर तकनीकी अधिकारियों व कर्मचारियों से कराया जाएगा। संपत्तिकर आईडी के स्वयं सत्यापन जैसे कामों के लिए आउटसोर्स पाॅलिसी का भी सहारा लिया जा सकता है। जिससे शहर में चल रहे विकास कार्याें को गति मिलेगी। तकनीकी टीम के संपत्ति कर के काम में व्यस्त होने से विकास कार्य प्रभावित नहीं हो सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में शहरी स्थानीय निकाय की ओर से प्रदेश भर में आदेश जारी किए गए हैं। निकाय मंत्री सुभाष सुधा ने निर्देश दिए हैं कि संपत्तिकर के स्वयं सत्यापन एवं अन्य कामों के लिए तकनीकी टीम की जगह आउटसोर्स एजेंसी के कर्मचारियों के माध्यम से भी कराया जा सकता है। तकनीकी टीम के इस काम में होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। गौरतलब है कि इन आदेशों से संबंधित विभागीय कार्रवाई तो जून माह से चल रही थी लेकिन निकाय की ओर से इसे प्रदेश के सभी नगर निगम, पालिकाओं में 18 सितंबर को भेजा गया है।
हालांकि नगर निगम पानीपत में जेई से लेकर एक्सईएन तक को शहर के किसी भी संपत्ति का केवल विकास शुल्क से संबंधित काम ही सौंपा गया है। जो भवन निर्माण शाखा से संबंधित होता है। विशेष तौर पर ज्यादा टैक्स को कम करने के लिए मौके की पैमाइश से लेकर बढ़े विकास शुल्क को घटवाने की फाइलें तकनीकी टीम के पास जाती हैं। ये काम सभी अधिकारियों कर्मचारियों में बांटा गया है। फिलहाल नगर निगम में विकास शुल्क का काम तीन एक्सईएन पर सौंपा गया है। तीनों एक्सईएन में से दो के आठ आठ वार्ड और एक पास 10 वार्ड हैं। इनके एसडीओ भी भी इनकी फाइलों पर अपनी रिपोर्ट करते हैं। फील्ड से आउटसोर्स के जेई मौका रिपोर्ट करते हैं।
वहीं, निगम टीम के तकनीकी अधिकारी एवं एक्सईएन, डीटीपी और एटीपी पर नई और विभाजन की प्रॉपर्टी आईडी बनवाने की जिम्मेदारी है। जबकि संपत्तिकर के स्वयं सत्यापन संबंधित काम नॉन तकनीकी स्टॉफ के पास है। जबकि इससे पहले भी नगर निगम की ओर से संपत्तिकर के स्वयं सत्यापन का अभियान चलाया गया था। तब निगम के एक्सईएन तक को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि अब आउटसोर्स के जेई मौका रिपोर्ट करते हैं जो निगम की तकनीकी टीम का हिस्सा नहीं हैं। इसके अलावा क्लर्क स्टॉफ ही इस काम को कर रहा है।
नगर निगम के उप निगम आयुक्त अरुण भार्गव का कहना है कि तकनीकी टीम के पास केवल विकास शुल्क से संबंधित काम है। जो भवन शाखा का बनता है। इसके अलावा संपत्ति कर आईडी से संबंधित काम तकनीकी टीम के पास नहीं है। अगर किसी के पास ऐसी जिम्मेदारी है तो सरकार की हिदायत अनुसार काम कराया जाएगा।