अपानीपत। डेंगू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों को एंटी लार्वा एक्टिविटी बढ़ाने, डेंगू वार्ड तैयार करने, गांवों व कॉलोनियों में जाकर स्वास्थ्य जांच करने, बुखार से पीड़ित लोगों की स्लाइड तैयार करने, लोगों को डेंगू के खिलाफ जागरूक करने, निजी अस्पतालों से प्रतिदिन की डेंगू रिपोर्ट लेने के निर्देश जारी किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू पर नियंत्रण के लिए नियंत्रण कक्ष तैयार किया है। पहली बार नगर निगम व पंचायती राज विभाग की पूरी जिम्मेदारी तय की गई है। दोनों विभागों को अब खुद फॉगिंग मशीन व दवा खरीदनी होगी और अपने अपने क्षेत्र में फॉगिंग करनी होगी। जिले में फिलहाल डेंगू के 29 केस आ चुके हैं। प्रतिदिन सिविल अस्पताल में 98 सैंपल की जांच की जा रही है। निजी अस्पतालों से भी प्रतिदिन डेंगू के सैंपल जांच के लिए आ रहे हैं। जिले में अब तक डेंगू के 97 हजार सैंपल की जांच हुई है। 9.10 लाख घरों में डेंगू व मलेरिया के लार्वा की जांच हो चुकी है। 5500 घरों में लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं।
इस साल मार्च में शुरू की एंटी लार्वा एक्टिविटी, इसलिए खतरा कम-
आमतौर पर जून माह में स्वास्थ्य विभाग एंटी लार्वा एक्टिविटी शुरू करता है। इस साल स्वास्थ्य विभाग ने मार्च में ही एंटी लार्वा एक्टिविटी शुरू कर दी थी। तीन माह में नियमित रूप से गांवों में एंटी लार्वा एक्टिविटी की गई। इसका परिणाम ये रहा कि जिले में लार्वा नाममात्र ही पनप पाया। पानीपत में प्रदेश में सबसे कम डेंगू के केस मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी तय-
हर साल स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग में तालमेल की कमी से डेंगू व मलेरिया का खतरा बढ़ता है। स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाने, लोगों को जागरूक करने, सैंपलिंग करने व लोगों का इलाज करने की है। नगर निगम का काम शहरी क्षेत्र में व पंचायती राज विभाग का काम ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग कराने का है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बार बार कहने पर भी दोनों विभागों ने न तो स्वास्थ्य विभाग से फॉगिंग दवा ली और ही फॉगिंग शुरू की। इससे डेंगू का खतरा बढ़ रहा था। अधिकारियों ने इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से की थी। उन्होंने सोमवार को नगर निगम व पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी तय की।
साल : केस
2017 : 469
2018 : 133
2019 : 04
2020 : 272
2021 : 287
2022 : 256
2023: 29 अब तक
नगर निगम व पंचायती राज विभाग खुद खरीदे दवा : सिविल सर्जन
शहर में फॉगिंग करने की जिम्मेदारी नगर निगम व ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग की है। स्वास्थ्य विभाग एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाता है। लोगों के स्वास्थ्य की जांच करता है। तीनों विभागों के तालमेल से डेंगू व मलेरिया के खिलाफ काम किया जाता था। अब मुख्यालय से निर्देश हैं कि नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग खुद फॉगिंग दवा खरीदेगा। लोगों से अपील है कि वो डेंगू व मलेरिया के खिलाफ जागरूक रहें।
डॉ. जयंत आहुजा, सिविल सर्जन।