पानीपत। सरकारी स्कूलों में बच्चों के साथ अब शिक्षकों के भी आईडी कार्ड (पहचान पत्र) बनाए जाएंगे। प्रदेश में करीब 36 हजार पीआरटी हैं। उक्त पहचान पत्र में शिक्षक का कोड होने के साथ उनके संबंधित अन्य जानकारी भी होंगी। शिक्षकों के पहचान पत्र इसी शैक्षणिक सत्र में बनाए जाएंगे। इसको लेकर स्कूल शिक्षा निदेशालय द्वारा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसके साथ आईडी कार्ड बनाने का बजट भी जारी कर दिया गया है।
शिक्षकों के आइकार्ड निपुण भारत योजना के तहत बनाए जाएंगे। हम बता दें कि प्रदेशभर 8400 राजकीय प्राइमरी स्कूलों में 36 हजार के करीब पीआरटी कार्यरत हैं। जबकि 80 हजार से ज्यादा बच्चे हैं। विभाग की ओर से सभी पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के आईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया पहले शुरू हो चुकी है। अब विभाग ने उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों के भी आईडी कार्ड बनाने का फैसला लिया है। विभाग के मुताबिक शिक्षकों का ये आईकार्ड पहचान के तौर पर भी काम करेगा। कई बार शिक्षकों की किसी वीआईपी ड्यूटी के दौरान सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोक लिया जाता है। उक्त आईकार्ड होने पर उन्हें आसानी से बिना रोक टोक प्रवेश मिल जाएगा। इसके अलावा बैंक से लिए भी उक्त आईकार्ड प्रयोग में लाया जा सकेगा।
इमरजेंसी नंबर भी होगा
आईडी कार्ड पर इमरजेंसी नंबर भी होगा। किसी तरह की घटना होने पर उक्त नंबर के जरिये स्वजनों को तुरंत सूचना दी जा सकेगी। दूसरी तरफ विभाग की स्कूलों में सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे और फायर सेफ्टी उपकरण लगाने की भी योजना है। राजकीय प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में मिड डे मील बनाने के लिए गैस चूल्हे का प्रयोग किया जाता है। लेकिन स्कूलों में आग लगने पर बुझाने की कोई व्यवस्था नहीं होती है। फायर सेफ्टी उपकरण लगने पर तुरंत आग पर काबू पाया जा सकेगा।
वर्जन :
प्राइमरी स्कूल के बच्चों के साथ शिक्षकों के भी पहचान पत्र बनाए जाएंगे। इसको लेकर निदेशालय से आदेश मिले हैं। इस कार्य को जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
सुभाष चंद्र भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।