पानीपत। विकास कार्यों में भ्रष्टाचार को लेकर बदनाम पानीपत नगर निगम के एक्सईएन, एमई और जेई स्तर के अधिकारी भी समय पर कार्यालय नहीं आते। कर्मचारियों में कुछ आते ही हाजिरी लगाकर वापस चले जाते हैं और कुछ लोगों को फाइल लेकर एजेंटों की भूमिका में रहते हैं। इससे शहर को सुंदर और स्वच्छ सर्वेक्षण में नंबर वन लाने के निगम के दावे पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया ने वीरवार सुबह नगर निगम के पालिका बाजार और ताऊ देवीलाल कार्यालय का औचक निरीक्षण कर समय और काम को लेकर चोरी पकड़ ली। डीसी ने नगर निगम में पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए एक्सईएन, एसडीओ और जेई को गैरहाजिर मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इसके अलावा दो कर्मचारियों को सस्पेंड और एक कर्मचारी को चार्जशीट करने के साथ नागरिक सुविधा केंद्र के बाहर आधार कार्ड पर लगी महिला कर्मी को सेवा मुक्त करने के आदेश दिए हैं। डीसी ने अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया है। उल्लेखनीय है कि उपायुक्त ने बुधवार को गोवंश को लेकर बैठक बुलाई थी। नगर निगम अधिकारी, डीसी की बैठक में भी नहीं पहुंचे थे। जबकि गोशालाओं के प्रतिनिधि और दूसरे विभागों के अधिकारी पहुंचे थे। उपायुक्त ने कहा कि आवारा कुत्तों को पशुपालन विभाग के सहयोग से एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। इस अभियान में नगर निगम के अधिकारी पशुपालन विभाग का सहयोग करना सुनिश्चित करें।
इसके साथ उन्होंने उप निगम आयुक्त तो बेसहारा गोवंश नैन गोशाला में भेजने की व्यवस्था करने के आदेश दिए। उपायुक्त ने इसके साथ पंजाब नेशनल बैंक का निरीक्षण किया और प्रबंधक को बैंक के बाहर एटीएम लगाने के आदेश दिए। इस मौके पर उनके साथ एसडीएम वीरेंद्र ढुल, नगराधीश राजेश सोनी भी मौजूद रहे।
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क्लर्क से लेकर एक्सईएन तक गैरहाजिर मिले
डीसी ने सुबह ताऊ देवीलाल कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय में पहुंचे। यहां कमिश्नर और इंजीनियरिंग ब्रांच के बड़े अधिकारी बैठते हैं। डीसी ने आते ही हाजिरी रजिस्टर और मूवमेंट रजिस्टर की जांच की। एक्सईएन राहुल पुनिया, एमई अर्पित व जेई मनोज गैरहाजिर मिले। डीसी ने तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। अब इनका कारण स्पष्ट न होने पर एक दिन का वेतन काटा जा सकता है। आधार कार्ड पटल पर तैनात महिला कर्मी ममता की लापरवाही मिलने पर कार्यमुक्त कर दिया गया।
डीसी इसके बाद पालिका बाजार स्थित कार्यालय पहुंचे। यहां हाउस टैक्स ब्रांच के जूनियर प्रोग्रामर यतिन गैरहाजिर मिले। स्वीपर दिलबाग सुबह कुछ देर आकर वापस चला गया था। इन दोनों को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। सुपरवाइजर जोगिंद्र एक प्राइवेट व्यक्ति के साथ बात करते मिला। उनको चार्जशीट कर दिया गया। एक अधिकारी के कार्यालय में एयर कंडीशनर चलता मिला। वे इसको देखकर हैरान रह गए।
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हाल ऐसे बने हैं कि जैसे यहां बसते हों मुर्दे
डीसी ने निगम कार्यालय का निरीक्षण किया तो कई जगह गंदगी के ढेर मिले और बिजली की तारें खुली मिली। डीसी ने अधिकारियों पर जमकर फटकार लगाई। इस पर उन्होंने कहा कि ये नगर निगम है या श्मशान घाट। यहां के हाल ऐसे बने हैं कि जैसे यहां मुर्दे बसते हों। यहां कितनी गंदगी है। दीवारें फर्श और छत टूटी है। धूल दीवारों पर जमी है शौचालय बदहाल और गंदे हैं। पीने के पानी की व्यवस्था तक ठीक नहीं है। अफसर दफ्तरों में नहीं बैठते। लोग अपनी समस्याओं को लेकर कतारों में खड़े हैं। लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिलती और अफसरों के कार्यालयों में उनकी गैरहाजिरी में एयर कंडीशनर तक चल रहे हैं। डीसी ने कहा कि निगम अधिकारी अपने कार्यालय तक की सफाई और मेंटेनेंस नहीं करा सकते तो शहर की कैसे करवाएंगे? इसके बाद डीसी ने एक बंद पेटी के बारे में अधिकारियों से पूछा तो वे कोई जवाब नहीं दे पाए। डीसी ने कहा कि अगर इसमें बम होता तो क्या करते।
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मैं डीसी पानीपत हूं, ये मेरा आईकार्ड अपडेट कर दो
ताऊदेवी लाल कॉम्प्लेक्स में नागरिक सुविधा केंद्र के बाहर आधार केंद्र पर बैठी एक महिला कर्मी से डीसी ने आधार कार्ड अपडेट करवाने के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि आधार अपडेट करवाना है। महिला कर्मचारी ने उन्हें पहचाना नहीं और बोली अपना प्रमाण दें। डीसी ने अपना आधार कार्ड दिया। कर्मी ने पते का प्रमाण मांगा। डीसी ने कहा कि मैं डीसी पानीपत हूं। महिला ने कहा कि आई कार्ड दिखाओ। महिला कर्मी का रवैया डीसी को सही नहीं लगा। डीसी ने उनको तुंरत कार्य मुक्त करने के आदेश दिए। डीसी ने कहा कि जब एक अधिकारी के साथ बातचीत करना नहीं आता तो ये आम लोगों के साथ कैसे बर्ताव करते होंगे।