पानीपत। भाजपा नेता संजीव मलिक के साथ सनौली रोड पर बुलबुल बाजार में दुकान और रतिपुर महमदपुर में प्लाट बेचने के नाम पर 1.16 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। दोनों जगह 58-58 लाख रुपये का सौदा तय किया गया था। इसका बयाना भी लिखवा लिया गया, लेकिन आरोपी रजिस्ट्री के समय पर नहीं आया। प्लाटों के दस्तावेजों की जांच कराई गई तो फर्जीवाड़ा सामने आया। शहर थाना और किला थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
मूल रूप से उग्रा खेड़ी निवासी संजीव कुमार मलिक ने बताया कि वह हाल में सेक्टर-18 में रहता है। सैनी कॉलोनी निवासी अनिल सैनी के साथ 10-12 साल से आना-जाना था। अनिल ने कायस्थान मोहल्ला स्थित बुलबुल बाजार में 145 वर्ग गज की दुकान बेचने की बात कही। यह सौदा 58 लाख रुपये तय किया। 20 जुलाई 2020 को अनिल ने बयाना लिखवाया। उसने 42 लाख रुपये ले लिए थे। इसके अलावा डेढ़ लाख रुपये नकद लिए थे। 16 लाख रुपये के बदले उसने एक मकान आरोपी को दिया। यह मकान उसने अनिल से ही खरीदा था। अनिल रजिस्ट्री के दिन तहसील में नहीं आया। उसने दस्तावेजों की जांच कराई तो वह फर्जी मिले। आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
संजीव ने दूसरे मामले के बारे में बताया कि अनिल के साथ संदीप भी उसके पास आता था। उसने अनिल को कहा कि उसके पास काबुल बाग में 500 वर्ग गज का प्लाट है। जिसे बेचकर वह दूसरी जमीन खरीदना चाहता है। अनिल ने कहा कि संदीप के पास एक जायदाद गांव रतिपुर महमदपुर में है। जिसे संदीप बेचना चाहता है। अनिल ने संदीप को बुलाया और उसकी 500 गज की 11650 रुपये के हिसाब से 58 लाख रुपये कीमत लगाई और उनका सौदा तय कर दिया। संदीप ने उसे दो लाख रुपये दिए, 56 लाख रुपये शेष रकम संदीप की जमीन की कीमत लगने के बाद देने की बात हुई। उन्होंने रतिपुर में संदीप की जमीन की कीमत 59 लाख रुपये लगाई। सौदा होने के बाद उसने संदीप को तीन लाख रुपये नकद दिए। संदीप ने जमीन के संबंध में एक मुखत्यारनामा उसे दिया और जल्द रजिस्ट्री कराने के लिए कहा। दोनों पक्षों में अक्तूबर 2020 में मुखत्यारनामा लिखा गया। उसने फुल पेमेंट के आधार पर रजिस्ट्री कराने के लिए कहा तो वह बहानेबाजी करने लगे। उसने दस्तावेज की जांच कराई तो वह फर्जी मिले। आरोपियों ने खुद मालिक बनकर उससे रुपये ठगे हैं। उसने आरोपियों से 58 लाख रुपये मांगे तो वह जान से मारने की धमकी देने लगे।