पानीपत। नगर निगम के अंतर्गत चल रहे विकास कार्याें के बिल पास करवाने को लेकर पहली बार नगर निगम के एक एक्सईएन और तीन एसडीओ आमने सामने हो चुके हैं। एक्सईएन का आरोप है कि तीनों एसडीओ ने कुछ बिल पास करवाए हैं जिनकी उनसे मंजूरी नहीं ली गई। जबकि वे काम उनके वार्डों में हुए थे। ये उनके अधिकार क्षेत्र के काम और बिल थे। उनकी मर्जी के बगैर बिल पास करवाने का एक्सईएन ने तीनों एसडीओ को कारण बताओ नोटिस भेज जवाब मांगा है। उधर इस संबंध में तीनों एसडीओ का कहना है कि बिल बनाने का काम जेई का होता है। उन्होंने नियम व निर्देशानुसार ही बिल वेरिफाई कर आगे प्रस्तुत किए थे। इसके लिए उनके पास आदेश भी थे और कामों की जानकारी भी थी। अगर इनमें कोई त्रुटि निकलती है तो वे इसके लिए जवाब देह भी होंगे।
तीनों एसडीओ की ओर से वेरिफाई किए गए ये दस बिल जो वार्ड नंबर 22 से 25 के बीच के हैं। ये बिल फरवरी और मार्च 2024 में काम की वेरिफिकेशन के बाद ही तैयार किए गए हैं। बिलों का पूरा ब्योरा ऑनलाइन एचईडब्ल्यूए पोर्टल पर है। एक्सईएन ने पोर्टल की पूरी डिटेल के साथ बिल की जानकारी एसडीओ को भेजकर जवाब मांगा है।
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एक्सईएन ने पूछा और एसडीओ ने दाखिल किया जवाब
एक्सईएन गोपाल कलावत की ओर से एसडीओ वीरेंद्र मलिक, योगेश तोमर और अर्पित बुधवार को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस भेज पूछा गया है कि उनके संज्ञान में आया है कि उन्होंने जो वार्ड 22 से 24, 25 में काम पूरे हुए हैं। ये वार्ड उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं। एसडीओ द्वारा इन वार्डों के बिल वेरिफाई कराए गए हैं जबकि इनको उनके अधीन से होकर गुजरना चाहिए था। एक्सईएन इस बात का तीनों एसडीओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इस पर तीनों एसडीओ ने कहा है कि ये काम उनकी सुपरविजन में शुरू और पूरे करवाए गए थे। इनकी उन्हीं को ज्यादा और बारीकी से जानकारी भी थी। इनके बिल बनवाने के लिए तत्कालीन आयुक्त की तरह से निर्देश भी जारी किए गए थे। जिनकी बदलौत ही उन्होंने ये बिल वेरिफाई कर आगामी कार्रवाई के लिए प्रस्तुत करवाए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि निगम में फिलहाल पांच एसडीओ स्तर के अधिकारी कार्यरत हैं। एसडीओ राकेश शर्मा के पास ज्यादातर पीने के पानी संबंधित काम हैं। इंद्र खेड़ा एसडीओ ने फिलहाल ही ज्वाइन किया है। उनके पास इलेक्टि्रकल संबंधित काम है। इसके अलावा बचे वे तीनों एसडीओ हैं। ऐसे में अगर वे बिल नहीं बनाएंगे तो और कोन बनाएगा। तीनों एसडीओ की ओर से कहा गया है कि अगर उनके बिलों में कोई त्रुटि होती है तो वे इसके जवाब देह होंगे।
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बिना जानकारी के ही बना दिए बिल-
मेरी जानकारी के बगैर बिल बनाए गए हैं। इसे लेकर तीनों एसडीओ से जवाब मांगा गया है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया जाएगा। इसके बाद जो भी नियमानुसार आदेश दिए जाएंगे उन पर अमल किया जाएगा।
गोपाल कलावत, एक्सईएन, नगर निगम।