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Panipat News: शोर शराब होगा खत्म, ठंडक भरी रहेगी बस यात्रा

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पानीपत। हरियाणा रोडवेज अब यात्रियों के सफर को ठंडक भरा बनाने की तैयारी में है। पानीपत डिपो को जल्द ही 30 नई ई-बसें मिलने वाली हैं। जिनमें 15 एसी बसें होगी। इन बसों को दिल्ली-चंडीगढ़ जैसे रूटों पर चलाने की चर्चा चल रही है। शहरवासियों को सुविधा देने के लिए 15 नॉन-एसी ई-बसों को सिटी बसों के तौर पर भी चलाया जा सकता है। एसी ई-बस 32 और नॉन एसी ई-बस 52 सीटर हो सकती है। ई-बसों की रेंज 300 किलोमीटर से अधिक होने का अनुमान है।
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बता दें कि पानीपत डिपो को अप्रैल 2023 में मिली 50 में से 10 नई रोडवेज बीएस-6 बसों को हाल में दिल्ली डिपो को दे दिया गया। वहीं पांच साल पुरानी दो पुरानी रोडवेज बसें सिरसा, दो फतेहाबाद और दो हिसार डिपो भेज दी गई। बीती 15 जुलाई को आठ बसें कंडम हो गई थी। वहीं कुछ बसें इससे पहले भी कंडम हो चुकी हैं। फिलहाल पानीपत डिपो में बसाें की संख्या 141 पर आ गई। शहर को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए डिपो की ओर से मुख्यालय में 30 ई-बसों की मांग भेजी गई है। उम्मीद है कि अक्टूबर माह के शुरुआती सप्ताह में डिपो को ई-बस मिलने वाली है।

शहर में चल रही सिटी बसें एक दिन में नए बस स्टैंड से पानीपत टोल प्लाजा तक पांच चक्कर लगाती है। यानि दिनभर में सिटी बस औसतन 100 किलोमीटर का सफर तय करती है। नई ई-बसों की रेंज 300 किलोमीटर से अधिक होने वाली है। ऐसे में एक सिटी बस को तीन दिनों में सिर्फ एक बार चार्ज करने की जरूरत पड़ेगी।
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ई-बस शहर में वायु प्रदूषण के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम में भी कारगर साबित होंगी। ई-कार की तरह ही ई-बसें भी ध्वनि रहित होने वाली है यानि साथ चल रहे वाहन को पास से बस गुजरने का पता तक नहीं चलेगा। ई-बसों के इस्तेमाल में एल्यूमिनियम का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है, ताकि भार कम होने के कारण ई-बसें ज्यादा सफर कर पाएं।
वर्कशॉप मैनेजर रमेश देशवाल ने बताया कि नए बस स्टैंड पर बसों को रात में खड़ी नहीं कर सकते। अगर डिपो को ई-बसें मिलती हैं, तो वर्कशॉप या पुराने बस अड्डा परिसर में ही जगह चिन्हित करके चार्जिंग प्वाइंट लगवाये जाएंगे। ई-बसों को चार्जिंग करने के लिए दिन में अलग-अलग समय निर्धारित करेंगे। दिल्ली-चंडीगढ़ जैसे लंबे रूटों पर जो बस चलेगी, उन्हें रात में ही चार्ज किया जाएगा।
ई-बसों में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इन बसों में अंदर और बाहर की तरफ कैमरे लगे होंगे। हर चौथी सीट पर यात्रियों के लिए पैनिक बटन और दो चार्जिंग प्वाइंट की व्यवस्था होगी। ई-बस में यात्री को चढ़ने और उतरने के लिए गेट पर ही ऑटोमेटिक प्रेशर बटन मिलेगा। मेट्रो की तरह ही बस में अगले स्टॉप की जानकारी डिस्पले बोर्ड पर देखने को मिलेगी।
पानीपत डिपो की बीएस-फोर मानक की 28 बसें फरवरी 2024 तक कंडम हो जाएंगी। इन बसों के कंडम होने से पहले पानीपत डिपो के बेडे में बसों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यालय हर डिपो को 50 से अधिक ई-बसें देने की घोषणा पहले ही कर चुका है। अगर अक्टूबर माह तक 30 ई-बसें पानीपत डिपो को मिलती हैं, तो ये शहरवासियों के लिए बड़ी सौगात होगी।


ई-बसों की मांग मुख्यालय भेज दी है। अधिकारियों से जल्द से जल्द बस मुहैया कराने की मांग की जा रही है। ई-बसें मिलने से बड़े स्तर पर वायु और ध्वनि प्रदूषण कम होगा।
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- कुलदीप जांगड़ा, महाप्रबंधक रोडवेज डिपो, पानीपत
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