माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। मानसून की दस्तक के साथ ही संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के जिला प्रशासन के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ शुक्रवार सुबह विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ अचानक जमीनी हकीकत जानने निकले तो शहर से लेकर यमुना के किनारों तक सुरक्षा और बाढ़ राहत के पुख्ता प्रबंध नहीं मिले। नगर निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई और अधूरे पड़े विकास कार्यों व सफाई व्यवस्था को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अपने निरीक्षण की शुरुआत पानीपत शहर के अत्यंत संवेदनशील इलाकों से की। उन्होंने जीटी रोड स्थित खादी आश्रम, संजय चौक तथा सेक्टर-25 क्षेत्र की प्रमुख ड्रेनों का जायजा लिया। इस दौरान नालों और जल निकासी की व्यवस्था बदहाल नजर आई और नगर निगम की तरफ से मानसून से निपटने की कोई ठोस तैयारी मौके पर दिखाई नहीं दी। उन्होंने जीटी रोड खादी आश्रम पर पानी निकासी के लिए तीन बजाय छह पंप लगाने के निर्देश दिए। इसी तरह संजय चौक पर पानी निकासी के प्रबंध करने के निर्देश दिए। जीटी रोड चौड़ीकरण के दौरान नाला निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
यमुना पर कार्य तेज करने के दिए निर्देश
सनौली।
उपायुक्त ने इसके राणा माजरा, पत्थरगढ़, शमशाबाद और नवादा सहित कई गांवों का दौरा किया। यमुना के तटबंध अभी भी कई जगहों पर कच्चे और कमजोर मिले। सिंचाई विभाग 9.60 करोड़ की लागत से बनने वाली पत्थर की ठोकर अब तक नहीं लगा पाया है। यमुना के तटबंध कच्चे होने और सुरक्षात्मक ठोकर न बनने के कारण नदी के साथ लगते दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को इस बार भी बाढ़ और भारी तबाही का डर सताने लगा है।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने ड्रेन नंबर-8 की सफाई व्यवस्था का भी गहराई से निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि ओवरफ्लो होने की जरा सी भी आशंका है तो वहां तुरंत फेंसिंग (चारों तरफ घेराबंदी) करवाई जाए। उन्होंने यमुना क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने उठाई सामूहिक समस्याएं
राणा माजरा गांव में ग्रामीणों ने उपायुक्त का स्वागत किया और अपनी सामूहिक समस्याओं से अवगत कराया। ग्रामीणों ने मांग रखी कि तटबंध के नजदीक जल्द पक्की सड़क बनवाई जाए। इसके साथ रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) खड़ी की जाए ताकि कटाव को रोका जा सके। उपायुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और ग्राम पंचायत को इस संबंध में जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार कर रिपोर्ट भेजने को कहा। इस मौके पर एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप, जिला राजस्व अधिकारी कनब लाकड़ा, तहसीलदार मनोज, तहसीलदार वीरेंद्र गिल, तहसीलदार कैलाश और सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी उपस्थित रहे।