तहसील कैंप निवासी सरदार गुरबचन सिंह हत्याकांड मामले में उनके बेटे ने मंगलवार को रोड धर्मशाला में एक प्रेसवार्ता की। जिसमें बेटे ने केस की पुलिस नहीं कराकर अलग जांच एजेंसी से कराने की मांग उठाई। बेटे ने पुलिस पर आरोप लगाया कि मरने से पहले पिता ने पांच लोगों के नाम लिए थे, पुलिस ने उन पांच लोगों को जांच के दायरे में लिया ही नहीं।
मृतक गुरबचन सिंह के बेटे गगनदीप ने कहा कि छह जून को उसके पिता हत्या की गई थी। हत्या के मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसके भाई इंद्रजीत को गिरफ्तार किया था, जो जेल में बंद है। बेटे ने आरोप लगाया कि पिता ने घायल अवस्था में फोन कर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रेम सचदेवा, जगदीश माटा और प्रेम सब्जी वाले का नाम हमलावर के रूप में लिया था। जिसकी उन्होंने पुलिस में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल नहीं किया। बेटे ने बताया कि उनके पिता के साथ उपरोक्त तीनों का लेनदेन का विवाद था। पिता से उपरोक्त सभी ने लाखों रुपये उधार लिए थे, जिनको पिता वापस मांग रहे थे। सभी आरोपी पिता को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। पिता ने तहसील कैंप चौकी से लेकर एसपी, आईजी, डीजीपी, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को शिकायत दी, लेकिन कही सुनवाई नहीं हुई। इस अवसर पर जत्थेदार अमीर सिंह घरौंडा, बाबा दिलबाग सिंह घरौंडा, बाबा बलदेव सिंह, बाबा जगपाल सिंह, बापू सरदारा सिंह, नरवैर सिंह, नरायण सिंह, रकेश सिंह, कुलदीप सिंह, सचिन कुवात्रा, हैप्पी सिंह और डॉ. कमल सिंह आदि मौजूद रहे।
मिली भगत से भाई को दोषी ठहराया
बेटे ने पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए है। उसका कहना है कि तीन से चार दिन पहले भाई ने जेल के कंट्रोल रूम नंबर से कॉल की थी और उसे झूठे के केस में फंसाने की बात कही। गगनदीप का कहना है कि पुलिस ने भाई को पिता की हत्या के गलत में आरोपी ठहराया, जबकि पुलिस प्रेम सचदेवा, इनके पुत्र दीपक सचदेवा, सचिन माटा, इसके पिता जगदीश माटा व प्रेम सब्जी वाला के खिलाफ हत्या, अपराधिक षडयंत्र रचने आदि आरोपों में केस दर्ज कर लिया था।
पिता ने मरने से पहले दिया था बयान, मैं वीडियो बनाने लगा तो पुलिस ने रोका
गगन का आरोप है कि पिता गुरबचन सिंह ने मरने से पहले अस्पताल में भी बयान दिए थे, पिता ने कहा था कि उसपर प्रेम सचदेवा व उसके साथियों ने हमला किया है। जब वह रिकार्ड करने व तथ्य रखने के लिए वीडियो बनाने लगा तो वहां पर खड़े पुलिसकर्मियो ने उसे रोक दिया और उसे बाहर निकाल दिया।