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Panipat News: लोकल वाहनों को फ्री करने पर सहमति नहीं

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संवाद न्यूज एजेंसीसनौली। नेशनल हाईवे-709 एडी पर तामशाबाद-सनौली टोल प्लाजा पर स्थानीय वाहनों को निशुल्क निकालने की मांग को लेकर शुक्रवार को छह गांवों के ग्रामीणों और टोल संचालक के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही।
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सनौली खुर्द थाने में थाना प्रभारी विनोद कुमार की मध्यस्थता में शाम पांच बजे से पौने आठ बजे तक करीब पौने तीन घंटे वार्ता चली, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद ग्रामीणों ने शनिवार को उपायुक्त को ज्ञापन देने और रविवार को टोल प्लाजा पर महापंचायत करने का निर्णय लिया।
बैठक में राणा माजरा, पत्थरगढ़, गढ़ी बेसिक, जलालपुर द्वितीय, नवादा आर और नवादा पार के ग्रामीण प्रतिनिधियों के साथ राजस्थान की रक्षक टोल कंपनी के मालिक कमल संधू शामिल हुए। थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण पूर्ण टोल छूट की मांग पर कायम रहे और कंपनी ने नियमानुसार रियायती पास का विकल्प रखा। थाना प्रभारी विनोद कुमार ने दोनों पक्षों से सहमति बनाने का प्रयास किया, लेकिन बैठक में कोई समाधान नहीं निकल सका।
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कंपनी बोली- नियमों के तहत रियायती पास का प्रावधान
टोल कंपनी के मालिक कमल संधू ने कहा कि एनएचएआई की गाइडलाइन के अनुसार स्थानीय निवासियों के लिए निर्धारित रियायती दरों पर मासिक पास बनाने का प्रावधान है। कंपनी ग्रामीणों के लिए नियमानुसार रियायती पास बनाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पूर्ण छूट की मांग कर रहे हैं, जबकि कंपनी के अनुसार शून्य शुल्क पर टोल से छूट देना निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं है।

ग्रामीण बोले- पहले की तरह मिले पूरी छूट
ग्रामीण प्रतिनिधि संदीप देशवाल कुराड़, कौशर नंबरदार और नवाब अली ने कहा कि टोल प्लाजा करीब तीन साल से संचालित है। उनके अनुसार, इससे पहले टेंडर लेने वाली कंपनियां आसपास के गांवों के स्थानीय वाहनों से टोल नहीं वसूलती थीं। आठ सितंबर से रक्षक कंपनी ने संचालन संभालने के बाद स्थानीय वाहनों से भी टोल वसूली शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पहले की तरह पूरी छूट मिलनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि शनिवार को उपायुक्त से मिलकर मांग रखी जाएगी। यदि समाधान नहीं हुआ तो रविवार को महापंचायत में आगामी आंदोलन को लेकर फैसला लिया जाएगा।
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