बैठक में उपस्थित सदस्य और पदाधिकारी। स्रोत : सोशल मीडिया
पानीपत। एनआईआरएसए और जीएटीएस के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को सेक्टर-25 स्थित डेज होटल में बैठक की गई। इसमें यूनाइटेड नेशनल एजेंसी के साथ टेक्सटाइल री-साइक्लिंग और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े अहम मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। इसमें मुख्य रूप से इंडस्ट्री की वास्तविक चुनौतियों और समाधान के साथ भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
एनआईआरएसए के सचिव मुकेश बंसल ने कहा कि री-साइक्लिंग इको सिस्टम को मजबूत बनाना चाहिए। इस दिशा काम भी किया जा रहा है। सभी प्रतिभागियों के सहयोग से इसे समय पर पूरा किया जा सकता है। इसके परिणाम भी सकारात्मक होंगे। जीएटीएस के सह संस्थापक हर्षित कक्कड़ और परविंदर कादियान ने सस्टेनिबिलिटी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया और इनका व्यावहारिक समाधान बताया। एनआईआरएस और जीएटीएस ने संयुक्त रूप से अपने इनपुट प्रस्तुत किए और उद्योगों की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल ब्रांड के साथ सस्टेनिबिलिटी प्रोजेक्ट पर भागीदारी की संभावनाएं हैं। भारतीय सरकार को उद्योगों की सक्रिय भागीदारी पर जोर देना होगा। री-साइक्लिलिंग सेक्टर को संगठित और भविष्य के लिए तैयार करना होगा। बैठक में टेक्सटाइल री-साइक्लिंग सेक्टर को संगठित करने का फैसला लिया। इस मौके पर एनआईआरएस के उपाध्यक्ष प्रदीप कक्कड़, एनआईआरएस के सह सचिव गौरव बठला, क्षेत्रीय प्रमुख मनप्रीत सिंह, मुनीष जैन, वरुण कालरा, अक्षत बंसल और धनंज्य कक्कड़ मौजूद रहे।