पानीपत/बापौली। निर्जला एकादशी पर जिले में अध्यात्म और सेवा का दृश्य हर ओर नजर आया। तपती दोपहरी में छबील लगाकर लोग जरूरतमंदों की प्सास बुझाते नजर आए।
बापौली के ग्राम सुधार मंडल ने मंगलवार को निर्जला एकादशी के उपलक्ष्य में सनातन धर्म मंदिर पर दूध शरबत की छबील लगाकर तपती गर्मी में लोगों की प्यास बुझाई। इस दौरान एकादशी के महत्व के व्रत का महत्व बताया गया। कहा गया कि निर्जला एकादशी के व्रत करने से 24 महीनों के एकादशी का फल प्राप्त होता है।
इस अवसर पर सनातन धर्म मंदिर के कार्यवाहक प्रधान डॉ. पीडी अरोड़ा ने बताया कि शास्त्रों में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व बताया। उन्होंने कहा कि पांडव पुत्र भीम जब एकादशी का व्रत नहीं कर पाते थे तो उन्होंने महर्षि व्यास से पूछा कि वे ऐसा क्या करें कि उनको एकादशी के व्रत का फल प्राप्त हो। तब महर्षि व्यास ने उन्हें बताया कि आप निर्जला एकादशी का व्रत करें जिससे 24 महीनों की एकादशी का फल प्राप्त होगा। तभी से भीम ने निर्जला एकादशी का व्रत प्रारंभ किया। जिसे भीम सेन एकादशी भी कहते हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति पूरे वर्ष कोई व्रत न कर पाए तो उसे निर्जला एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए। जिससे भगवान विष्णु अति प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं । इस अवसर पर सभा के सदस्यों ने राहगीरों को रोक-रोक कर दूध शरबत पिलाने का काम किया। इस अवसर पर देवेंद्र अरोडा, प्रेम रहेजा, जीत रहेजा,श्याम लाल, कृष्ण, सुनील, अमन, प्रदीप, सुरेश, बृजमोहन भाटिया, रवि भाटिया, नरेंद्र आदि का विशेष योगदान रहा।