समालखा। निरंकारी तेजपाल ने कहा कि सत्संग में सुनना ही काफी नहीं है, बल्कि उस पर अमल करना भी आवश्यक है। परमात्मा तो हर जगह है लेकिन पूर्ण ज्ञान नहीं होने के कारण वह नजर नहीं आता। ज्ञान के साथ ही हमें कर्म को भी अग्र रखना होगा।
उन्होंने ये बात रविवार को जीटी रोड स्थित संत निरंकारी भवन में सत्संग के दौरान संगत को प्रवचन देते वक्त कही। सत्संग के उपरांत विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि हमें किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए और गुरू की शिक्षाओं को जीवन में अपनाना चाहिए।