जगमहेंद्र सरोहा
पानीपत। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) प्रदेशभर में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के लिए गंभीर हो गया है। एनजीटी ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) को राज्य के सभी जिलों में रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) संयंत्रों के संचालन के बारे में जानकारी मांगी है साथ ही पर्यावरणीय मानदंडों के संबंध में उनकी अनुपालन स्थिति की पुष्टि करने का निर्देश दिया है।
एनजीटी ने उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कानून के अनुसार अनुपालन न करने की स्थिति में उचित कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है। पानीपत के ददलाना गांव के दीपक ने पिछले साल अपने क्षेत्र में आरएमसी संयंत्रों के अवैध और अनाधिकृत संचालन के बारे में एनजीटी में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि ये संयंत्र भारी मात्रा में धूल उत्सर्जित कर रहे हैं, जिससे वायु प्रदूषण हो रहा है और निवासियों के स्वास्थ्य को खतरा है। शिकायत के बाद, एनजीटी ने जिला मजिस्ट्रेट, एचएसपीसीबी और सीपीसीबी की एक समिति गठित की।
संयुक्त समिति ने पाया कि ददलाना गांव के पास कुल 21 आरएमसी संयंत्र 16 पानीपत जिले की सीमा में और 5 करनाल जिले की सीमा में बिना वैध संचालन सहमति (सीटीओ) और स्थापना सहमति (सीटीई) के चालू पाए गए। ये कथित तौर पर पर्यावरणीय मानदंडों का उल्लंघन कर रहे थे। एचएसपीसीबी ने इन पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (ईसी) भी लगाई है और उनके खिलाफ बंद करने की कार्रवाई भी की है।