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प्रदेश विश्व के नक्शे पर आया : सोलंकी

Fri, 12 Feb 2016 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/पानीपत
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हरियाणा एवं पंजाब के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि हरियाणा प्रदेश देश ही नहीं बल्कि विश्व के नक्शे पर आ गया है। इसमें शिक्षा का अहम योगदान है। प्रदेश की शिक्षा लगातार आसमान छू रही है और इसमें प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल समेत प्राइवेट संस्थाओं का अहम योगदान है। वे वीरवार को जीटी रोड पुलिस लाइन के सामने प्रयोग इंटरनेशनल स्कूल के उद्घाटन अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल की कड़ी जुड़ी है और इससे जिले व प्रदेश की शिक्षा को नए आयाम मिलेंगे। व्यक्ति को शिक्षा के साथ-साथ उत्तम किस्म के संस्कार भी लेने चाहिए। इससे व्यक्ति चरित्रवान और जिम्मेदार नागरिक बनाता है।

प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि आज विश्व स्तर पर अनेक प्रकार के खतरे मंडरा रहे हैं। जिनमें हिंसा, युद्ध, पर्यावरण, अशिक्षा व गरीबी जैसे अनेक कारण हैं। यदि इन सभी खतरों से विश्व को बचाना है तो भारतीय संस्कृति के सिद्धांत, वसुधेव कुटम्बकम, दी वर्ल्ड माई फैमिली के सिद्धांत को अपनाना होगा और यह तभी संभव है जब मनुष्य भौतिकवाद की बजाय आध्यात्मवाद को अपनाएं।
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उन्होंने कहा कि मनुष्य संस्कारों के आधार पर दानव और देवता बन सकता है। आज संस्कार देकर दानवों को मानव बनाने की जरूरत है। देश की संस्कृति का बहुत महत्व है और यह त्याग करने वालों का देश है। उन्होंने कहा कि भारत एक अध्यात्मिक देश है। यहां के लोगों के लिए पैसा साधन है, स्वामी नहीं। भारत में दधीचि जैसे ऋषि हुए हैं, जिन्होंने मानव कल्याण के लिए अपनी हड्डी तक दान कर दी।

उन्होंने स्कूल प्रयाग नाम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रयाग में गंगा, यमुना व सरस्वती तीनों नदियों का संगम होता है। यह शब्द ही भावी पाढ़ी को भारतीय संस्कृति की याद दिलाता रहेगा। यूनेस्को कल्ब के अध्यक्ष धीरेंद्र भटनागर ने कहा कि आज विश्व अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। संसार को शिक्षित व विक्षित बनाने मात्र से ही सभी समस्याओं का समाधान संभव नहीं है।

आज ऐसे देश भी है जो अत्यधिक अमीर है और ऐसे देश भी है जो बहुत गरीब हैं, जहां दाल-रोटी तक का संकट है। इसलिए यूनेस्को ने इस बार वर्ष 2016 को विश्व दाल वर्ष घोषित किया है इसके अलावा वर्ष 2030 तक संसार को पर्यावरण प्रदूषण मुक्त संसार बनाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया हैं। भटनागर ने कहा कि यूनेस्को संस्था अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक भावना को एकीकृत करने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष सदा से ही विद्वानों का देश रहा है।

हमने अपनी विद्वता के बल पर पूरे विश्व को एक सूत्र में पिरोने की कोशिश की है। इससे पहले राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने स्कूल प्रांगण में सौ फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण कर स्कूल का उद्घाटन किया। उन्होंने स्कूल प्रांगण में रुद्राक्ष का पौधा भी लगाया। प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने स्कूल परिसर का अवलोकन कर चेयरमैन पवित्र कुमार और वाइस चेयरपर्सन डॉ. प्रियंका को बधाई दी। चेयरमैन पवित्र कुमार ने स्कूल की जानकारी दी और स्कूल हेड अंजू गुप्ता ने सबका स्वागत किया।

समारोह में राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी और सभी उपस्थित विशिष्ट अतिथि और गणमान्य नागरिकों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक प्रदीप कुमार ने सबका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर परिवहन एवं आवास मंत्री कृष्णलाल पंवार, विधायक रोहिता रेवड़ी, महिपाल ढांडा, रविंद्र मच्छरौली, जिलाध्यक्ष प्रमोद विज, बिजेंद्र नेहरा, संजीव खत्री, सज्जन मान, राममेहर सिंह, उपायुक्त समीर पा ल सरो, एसपी राहुल शर्मा, एसडीएम विवेक चौधरी मौजूद रहे। 
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