जिले में डिपो धारक प्रशासन की मिलीभगत से गरीबों का राशन हजम कर मुनाफा कमा रहे है। डिपो धारक द्वारा मिट्टी के तेल (केरोसिन) में गड़बड़ी कर मोटे दाम पर बाजार में बेचकर अपने जेब गर्म कर रहे हैं और लाभ पात्रों को यह कहकर मना कर दिया जाता है कि तेल पीछे से नहीं आया है।
यह शिकायत अमर भवन चौक निवासी पंकज ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग मंत्री कर्णदेव कंबोज को दी और जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वार्ड-23 में डिपो धारक ने करीब दस ड्रम मिट्टी के तेल के छुपाकर रखे हुए है। इस बारे में पुलिस को भी शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस ने कहा कि डिपो शिफ्ट किया जा रहा है इस वजह से तेल के ड्रम यहां पर रखे गए है। जबकि आरोप है कि यह अवैध तरीके से काम हो रहा है।
वार्ड 28 व 16 में बिना सीएफडी-7 फार्म भरे ही दे दिया नया डिपो
आरोप है कि बिना सीएफडी-7 फार्म भरे ही नया राशन डिपो वितरित कर दिया गया। संबंधित विभाग द्वारा डिपो धारक की नई दुकान पर 26 जुलाई 2015 को मिट्टी तेल भेज दिया। जबकि डिपो धारक को परमिशन 31 जुलाई 2015 को दी गई तो फिर पहले नई दुकान पर बिना परमिशन के मिट्टी तेल कैसे पहुंच गया।
मामले की हो गहनता से जांच
शिकायतकर्ता ने डिपोधारक व संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ गहनता से जांच करने की मांग कि है। उन्होंने कहा कि डिपोधारक संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर राशन वितरण में गड़बड़ी कर रहे है।