पानीपत। नगर निगम ने किला क्षेत्र की वाटर वर्क्स की पुरानी जगह पर मासाखोरों को स्थायी ठिकाना देने के लिए नई सब्जी मंडी तैयार करवा दी गई है। यहां 185 मासाखोरों के बैठने की जगह बनाई गई है। जिसके लिए आने वाले इस सप्ताह ड्रॉ किया जाएगा। इस मंडी में मासाखोरों के लिए आधुनिक सुविधाएं देने की तैयारी है। इन सबके बीच सामने आया है कि मंडी का फिर से विरोध हो सकता है। सब्जी मंडी का गेट वार्ड सात के कप्तान नगर की ओर बनाने का विरोध पार्षद अशोक कटारिया सदन में कर चुके हैं।
इस मंडी पर निगम निगम ने 99.60 लाख रुपये खर्च किए हैं। मंडी में मासाखोरों के लिए छह बाई छह के स्टॉल रूपी थड़े बनाए गए हैं। इनकी विशेष रूप से मार्किंग की जाएगी। इस मार्केट के ऊपर नई सब्जी मंडी की तर्ज पर शेड बनाया जाएगा जो मासाखोरों और उनकी फल, सब्जियों को सर्दी, गर्मी और बारिश के मौसम से बचाएगा। इसके अलावा इस मार्केट में शौचालय, सर्कुलेशन एरिया, सब-वे, लाइट, निकासी, सीवर, पीने के पानी की भी व्यवस्था की गई है।
मार्केट के दोनों तरफ मेन गेट लगाए गए हैं ताकि सब्जी क्रेताओं और विक्रेताओं को मार्केट में आने जाने में कोई परेशानी न हो। यहां पर बची हुई फलों और सब्जियों के निस्तारण के लिए भी प्रावधान बनाया जाएगा। वहीं शेड के ऊपर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी जिससे रात को सब्जी विक्रेताओं को अंधेरे में परेशानी का सामना न करना पड़े। मार्केट का क्षेत्र 1246 वर्ग मीटर है।
वार्ड-10 के पार्षद रविंद्र भाटिया ने बताया कि यह मंडी विशेष तौर पर सनौली रोड पर अस्थायी तौर पर बैठे मासाखोरों को स्थायी ठिकाना देने के लिए बनाई गई है।
निगम एक्सईएन प्रदीप कल्याण ने बताया कि मंडी तैयार हो चुकी है। ये मासाखोरों को विशेष सुविधाएं देने के हिसाब से तैयार कराया गया है।