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खामियों से भरा नया प्रापर्टी टैक्स सर्वे, ऑनलाइन पोर्टल भी फेल

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माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। नए प्रापर्टी टैक्स का सर्वे इस कदर खामियों से भरा है कि कोई रास्ता निकलता न देख अब नगर निगम जिले के हर घर तक दस्ती नोटिस पहुंचाने की कवायद में जुटा है। यह दस्ती नोटिस भी प्रापर्टी का गलत सर्वें करने वाली कंपनी के जरिए ही हर घर तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इस दस्ती नोटिस में लोगों की प्रापर्टी की डिटेल होगी, जिस पढ़कर लोगों को गलत या सही जानकारी का पता लगेगा और गलत होने पर नगर निगम में आकर इसे सही कराया जा सकेगा। यह सब इसलिए करने की कवायद चल रही है क्योंकि दावे और आपत्ति दर्ज कराने की ऑनलाइन प्रक्रिया जवाब दे गई है।
पीएमएस हरियाणा पोर्टल पर आपत्ति दर्ज करवाने की समय सीमा भी पूरी हो चुकी है। दूसरी तरफ इस ऑनलाइन प्रणाली की प्रक्रिया भी काफी जटिल है, जिससे गलत ब्योरा पर आपत्ति दर्ज करवाना तो दूर लोगों को पोर्टल के मैप पर अपनी प्रापर्टी तक ढूंढना मुश्किल हो रहा है। जिससे शहर के लाखों लोग अब अपने गलत ब्योरा पर आपत्ति दर्ज कराने से वंचित रह गए हैं। नया सर्वे शहर के लोगों के लिए जितना मुश्किल साबित हो चुका है, निगम ने शहर के लोगों से ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करवाने के हर संभव प्रयास किए हैं। यहां तक कि हर वार्ड में दो-दो सक्षम युवा तक भेजे हैं, लेकिन हर बार पोर्टल की खामियों के चलते प्रापर्टी पर आपत्ति दर्ज करवाने में फेल साबित हुए हैं।
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लोगों को राहत दिलाने लिए सोमवार को सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट और निगम अधिकारियों की इस मसले पर बैठक हुई। कई घंटे की चर्चा के बाद दस्ती नोटिस पहुंचाने पर सहमति बनीं। निगम अधिकारियों ने इस सर्वे में खामियों को स्वीकार किया, इसमें सुधार की संभावना भी कम जताई, जिस पर निर्णय लिया गया कि शहर के सभी संपत्तियों के लिए सर्वे एजेंसी को ही लोगों तक दस्ती नोटिस पहुंचाना होगा। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सीनियर डिप्टी मेयर ने सीएम मनोहर लाल को पत्र लिखा, जिस पर अनुमति मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।
सर्वे में प्रति यूनिट 400 रुपये के हिसाब एजेंसी को किया गया भुगतान
प्रापर्टी सर्वे में एजेंसी ने निगम क्षेत्र के अंतर्गत करीब पौने दो लाख प्रापर्टी चिह्नित की। हर प्रापर्टी को एक यूनिट मानते हुए 400 रुपये प्रति यूनिट भुगतान लिया। इस हिसाब से 7 करोड़ रुपये का बिल बना, लेकिन सर्वे कंपनी ने काम ही ठीक नहीं किया, नतीजा लोग परेशान हैं।
ये आ रहीं शिकायत
प्रापर्टी टैक्स के रिकार्ड में नाम, क्षेत्रफल, कैटेगरी और बिल ठीक करवाने की शिकायत मिल रही है। पोर्टल कभी चलता है, कभी नहीं। सर्वर डाउन रहता है। पोर्टल के मैप पर प्रापर्टी ढूंढने तक में परेशानी हो रही है। दस्तावेजों को अपलोड करने में भी दिक्कत है।
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प्रापर्टी टैक्स के ऑनलाइन पोर्टल पर आपत्ति दर्ज करवाना लोगों के लिए मुश्किल हो चुका है। इससे निगम की परेशानी और बढ़ गई है। एजेंसी से हर घर एक दस्ती नोटिस पहुंचाना होगा, जिसमें संबंधित प्रापर्टी की पूरी डिटेल लिखी हो। इस देखकर लोग निगम में आपत्ति दर्ज करवा सकेंगे। इसके लिए सीएम मनोहर लाल को पत्र भेजा गया हैं, मंजूरी मिले ही इसे लागू किया जाएगा। - दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम, पानीपत।
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