इसराना। नौल्था गांव एक कंपनी के प्रस्तावित सीमेंट प्लांट के विरोध में ग्रामीण लामबंद होना शुरू हो गए हैं। ग्रामीणों ने इसको लेकर पंचायत कर एक कमेटी का गठन किया है।
यह कमेटी संघर्ष की आगामी रणनीति तय करेगी। हम बता दें कि बुधवार को ही प्रस्तावित सीमेंट प्लांट को लेकर कंपनी के अधिकारियों व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा डीसी डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया की देखरेख में नौल्था गांव में जन सुनवाई का आयोजन किया था।
नौल्था की नरवान चौपाल में शनिवार को इसकी को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत की। पंचायत की अध्यक्षता मास्टर ईश्वर सिंह जागलान ने की। पंचायत में ग्रामीणों ने कंपनी द्वारा लगाए जाने वाले सीमेंट प्लांट का विरोध किया।
मास्टर ईश्वर सिंह जागलान ने बताया कि कंपनी ने गांव के साथ धोखा किया है। इस जमीन को कुछ साल पहले गेहूं के गोदाम बनाने के लिए लिया था। वहां अब सीमेंट प्लांट बनाने की तैयारी है।
जिले में पहले से लगे तीन सीमेंट प्लांट की वजह से वहां आसपास के गांवों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। इसके चलते गांव में प्रदूषण बढ़ेगा, सड़के टूटेंगी, आसपास का माहौल राखी की वजह से बिगड़ेगा और आस पास खेतों की फसलों पर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इसमें नौल्था के साथ आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोग भी शामिल होंगे।
रणनीति के लिए बनाई कमेटी।
पंचायत में प्रस्तावित सीमेंट प्लांट का विरोध करने के साथ अगली रणनीति तय करने के लिए ग्रामीणों ने एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी के संरक्षक मास्टर ईश्वर सिंह जागलान को बनाया गया है। कमेटी में तेजवीर जागलान, मनोज, रणधीर, फूल सिंह, रामभज, बलराज, इंद्र, रामफल और वासुदेव समेत कई अन्य लोगों को शामिल किया गया। इस मौके पर तिलकराज नरवाल, सुरेश जागलान, सतपाल, देवेंद्र आदि मौजूद रहे।