नारायण साई पानीपत कोर्ट में पेश।
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आसाराम बापू केस के मुख्य गवाह महेंद्र चावला पर जानलेवा हमला करने में आरोपी नारायण साईं की मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई और उनके बयान दर्ज किए गए। वहीं महेंद्र चावला पर गोली चलाने के आरोपी कार्तिक और साजिश रचने के आरोपी नीरज की भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई। दूसरी ओर महेंद्र चावला स्वास्थ्य कारणों से बयान नहीं दे पाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी।
सनौली खुर्द निवासी महेंद्र चावला वर्ष-1996 में आसाराम से प्रभावित होकर उनका शिष्य बन गए थे। उनसे गुरु दीक्षा लेकर शादी भी नहीं की थी। बाद में महेंद्र चावला को आसाराम के बेटे नारायण साईं का निजी सचिव बनाया गया था, लेकिन दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद महेंद्र चावला ने 2015 में आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं का साथ छोड़कर उन्हें सजा दिलाने की ठानी।
इसके लिए महेंद्र चावला ने आसाराम और उसके बेटे के खिलाफ गवाही देने का निर्णय लिया। इसके बाद से चावला को धमकियां मिलने लगीं। इसके बाद भी जब वे गवाही देने पर अड़े रहे तो 13 मई 2015 को घर में घुसकर दो बदमाशों ने उन पर गोलियां बरसाईं। एक गोली उन्हें लगी, लेकिन वे छत से कूद गए और उनकी जान बच गई।
इस मामले में नारायण साईं, निशांत घणघस और नीरज पर साजिश रचने तथा शूटर कार्तिक पर गोली चलाने के आरोप हैं। इस हमले के बाद भी महेंद्र चावला विचलित नहीं हुए और मार्च 2016 में नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। इस केस में बीते 16 सितंबर को पानीपत कोर्ट में नारायण साईं की पेशी हुई थी, जिसमें उस पर आरोप तय किए गए थे। अब केस का ट्रायल होगा, जिसमें दोनों पक्षों के बयान दर्ज होंगे और फिर बहस के बाद कोर्ट इसमें फैसला सुनाएगा।