पानीपत। फायर बिग्रेड कर्मी व नगरपालिका कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए।
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पानीपत। अपनी लंबित मांगों के लिए नगरपालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले नगर निगम और दमकल केंद्र के सैकड़ों कर्मचारियों ने रविवार को पानीपत में और करनाल में सीएम आवास पर विरोध प्रदर्शन किया। पहले ये प्रदर्शन जिला प्रधान सुभाष चंडालिया की अध्यक्षता में सुबह पानीपत में 10:00 बजे लाल बत्ती फायर स्टेशन पर किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी कर्मचारी करनाल में सीएम आवास की ओर रवाना हुए।
कर्मचारियों ने कहा कि ये प्रदर्शन 29 अक्तूबर 2022 को हुए समझौते को लागू न करने और हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के अग्निशमन विभाग को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विलय करने के विरोध में किया गया है। प्रदर्शन के दौरान नगर निगम जिला प्रधान सुभाष चंडालिया और दमकल केंद्र प्रधान रणवीर नांदल ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा अग्निशमन विभाग को विलय करने के विरोध में 18 से 29 अक्तूबर 2022 तक 11 दिन की हड़ताल की थी। जिसमें 29 अक्तूबर 2022 को संघ की हरियाणा सरकार के साथ जायज मांगों को लेकर सहमति भी हुई थी। सरकार इन मांगों को लागू करने की बजाए विभाग को विलय कर कर्मचारियों का रोजगार खत्म करने पर तुली है। इसके विरोध में नगर पालिका और दमकल कर्मचारियों ने प्रदेश भर में प्रदर्शन कर 12 फरवरी को करनाल में मुख्यमंत्री आवास घेराव का फैसला लिया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मुख्य मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग किया जाना चाहिए। 2064 फायर ऑपरेटर की भर्ती भी निरस्त की जानी चाहिए। अग्निशमन विभाग को वापस निकाय में शामिल किया जाना चाहिए। 1366 पे-रोल और 212 आउटसोर्सिंग दमकल कर्मचारियों को फायर ऑपरेटरों के पदों पर समायोजित करना होगा। सभी कच्चे दमकल कर्मचारियों को 58 साल तक रोजगार सुरक्षा की गारंटी दो।