पानीपत/समालखा में विजिलेंस ने बापौली के नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार और उनके ड्राइवर को समालखा एसडीएम आफिस में 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते ही मौके पर पकड़ लिया।
नायब तहसीलदार पर सनौली के एक किसान से पौन एकड़ की पावर ऑफ अटार्नी की एवज पर 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। विजिलेंस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस इंस्पेक्टर सुशील कुमार ड्यूटी मजिस्ट्रेट डीआरओ सुभाष मेहता की अगुवाई में एसडीएम कार्यालय समालखा में दबिश दी।
विजिलेंस की टीम ने बापौली के नायाब तहसीलदार कृष्ण सिंह निवासी गगसीना, करनाल और उसके चालक अनिरुद्ध निवासी हरिसिंह कॉलोनी को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। विजिलेंस की टीम ने मौके पर ही उसके हाथ धुलवाए।
इसके साथ ही नायब तहसीलदार और चालक के हाथ लाल हो गए। विजिलेंस टीम ने दोनों को काबू कर लिया और उसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करा दिया। विजिलेंस की टीम में इंस्पेक्टर सुशील कुमार, सब इंस्पेक्टर देवेंद्र दहिया, एएसआई दिलबाग सिंह और हवलदार सतबीर सिंह शामिल थे। सनौली कलां निवासी रामदास ने नायब तहसीलदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था और विजिलेंस को शिकायत दी थी।
रामदास की शिकायत थी कि उसको पौन एकड़ जमीन की पावर ऑफ अटार्नी मांगी थी। नायब तहसीलदार ने उससे इसकी एवज में रिश्वत की मांग की और 25 हजार रुपये में तय हुआ। विजिलेंस ने प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में मामला डाला और डीआरओ सुभाष मेहता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया।
विजिलेंस टीम ने किसान को एक हजार और पांच सौ रुपये के नोटों पर पाउडर लगा दिया। किसान ने नायब तहसीलदार को समालखा एसडीएम कार्यालय में रिश्वत के 25 हजार रुपये दे दिए। नायब तहसीलदार ने रिश्वत के पैसे लेते ही अपने चालक अनिरुद्ध को पकड़ा दिए।
इसी समय विजिलेंस की टीम ने दोनों को दबोच लिया। नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार पैसे कमाने के लालच में रिश्वत के आरोप में फंस गया। किसान रामदास ने मंगलवार को विजिलेंस को शिकायत दी थी। विजिलेंस ने शिकायत के आधार पर तुरंत टीम का गठन कर दिया।
बताया जा रहा है कि नायब तहसीलदार को इसकी भनक लग गई और वह किसान से टल गया, लेकिन पैसों के लालच ने आज उसको वापस खींच लिया। वह किसान के संपर्क में फिर आ गया और 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों धरा गया।
रिश्वतखोरों की धरपकड़ पिछले साल भी लगातार चलती रही। विजिलेंस ने गत वर्ष की शुरुआत में कई कर्मचारियों और अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। एक जुलाई को जिला उद्योग केंद्र के क्लर्क को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते काबू किया था।
यह मामला ठंडा नहीं हुआ था कि तीन जुलाई को वक्फ बोर्ड के रेंट क्लेक्टर समेत दो को 21 हजार की रिश्वत लेते काबू किया था। लाइट इंस्पेक्टर बलदेव सिंह को विगत माह 40 हजार रुपये की रिश्वत के आरोप में नगर निगम से ही काबू किया था।
वर्जन
सनौली निवासी एक व्यक्ति ने बापौली के नायब तहसीलदार पर पॉवर अटार्नी देने के नाम पर 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने की शिकायत दी थी। विजिलेंस ने शिकायत पर समालखा एसडीएम कार्यालय से नायब तहसीलदार और उसके चालक को रंगे हाथों दबोच लिया है और दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
सुशील कुमार, इंस्पेक्टर, विजिलेंस पानीपत