समालखा। दीये तले अंधेरा होने की कहावत प्रदेश के सरकारी विभागों पर सटीक बैठती है। आमजन से बिजली के बिल भरने के लिए बिजली निगम द्वारा समय-समय पर नोटिस भेजे जा रहे हैं। साथ ही उन्हें डिफाल्टर घोषित कर दिया जाता है। लेकिन शहर के कई सरकारी महकमे ऐसे हैं जिन्होंने काफी समय से बिजली के बिल नहीं भरे और मीटर भी खराब पड़े हैं। इनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सोमवार को निगरानी कमेटी के चेयरमैन विनोद छौक्कर के साथ बिजली निगम की टीम ने नगरपालिका, पीडब्लयूडी, पुलिस थाना में छापेमारी अभियान चलाया गया। जहां नपा पर एक लाख 39 हजार व पुलिस थाने पर 97 हजार रुपये बिजली बिल बकाया पाया गया। टीम ने बिजली मीटरों की जांच करने के साथ ही बकाया बिल भी भरने के निर्देश दिए। बिजली निगम के एसडीओ योगेश बजाज व निगरानी कमेटी के चेयरमैन की अगुवाई में टीम ने नपा, पुलिस थाना व पीडब्लयूडी में छापा मारा। टीम की कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। समालखा नगरपालिका में जांच के दौरान बिजली मीटर बंद मिला। कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि मीटर कई महीनों से खराब पड़ा है।
साथ ही नपा पर करीब 139939 रुपये का बिल भी बकाया मिला। वहीं पुलिस थाना का मीटर ठीक था, लेकिन थाने द्वारा करीब 97000 रुपये का बिल नहीं भरा गया था। जबकि पीडब्लयूडी विभाग में जांच के दौरान सब ठीक मिला। निगरानी कमेटी के चेयरमैन विनोद छौक्कर ने कहा कि सरकार के दिशानिर्देश पर ये कार्रवाई की गई है और आगे भी ये अभियान जारी रहेगा। वहीं बिजली निगम के एसडीओ योगेश बजाज ने बताया कि नपा का मीटर बंद मिला है और उस पर बिल भी बकाया है। कागजी कार्रवाई कर दी गई है जबकि थाना को बकाया बिल भरने को कहा है।