माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। राजधानी और अन्य बड़े शहरों में हुए हादसों के बाद भी प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। शहर के व्यावसायिक भवनों, अस्पतालों और कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी व बिल्डिंग बाईलाज के नियमों की अनदेखी की जा रही हैं। दमकल विभाग और निगम की जांच सिर्फ कागजी नोटिसों तक ही सिमट गई है। अधिकारियों की इस ढुलमुल कार्यप्रणाली के कारण शहर में बड़े हादसे का अंदेशा लगातार बना हुआ है।
145 होटल-अस्पतालों और 25 कोचिंग सेंटरों को दिया था नोटिस : नगर निगम ने शहर के 85 नामचीन अस्पतालों और 60 बड़े होटल संचालकों को नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किए थे। इसके अलावा नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे 25 कोचिंग सेंटर संचालकों को भी नोटिस थमाए गए थे। इन सभी संचालकों को नोटिस का जवाब देने और कमियां दुरुस्त करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। नियमों की पालन नहीं मिलने पर भवनों को सील करने व निर्माण को ध्वस्त करने की चेतावनी दी थी। समय सीमा बीतने के बाद भी केवल नोटिस देने तक ही सीमित रहे।