माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नगर निगम पालिका बाजार के अपने भवन को गिराकर आधुनिक मल्टीप्लेक्स बनाने की तैयारी में है। यहां से कार्यालय खाली करने भी शुरू कर दिए हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस बीच पालिका बाजार एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दुकानदारों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने निगम के नोटिस पर स्टे लगाते हुए आगामी सुनवाई के लिए 29 जुलाई की तारीख तय की है। इस फैसले के बाद पिछले कई दिनों से चिंता में डूबे दुकानदारों ने राहत की सांस ली है।
नगर निगम प्रशासन पालिका बाजार की जगह पर एक भव्य मल्टीप्लेक्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण करना चाहता है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए निगम ने बाजार की करीब 48-49 दुकानों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया था और दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिया था। निगम के इस कदम के बाद पूरे बाजार के व्यापारियों की चिंता बढ़ गई थी। पंकज आहूजा और नरेश जैन ने बताया कि नगर निगम को नियमानुसार रजिस्ट्री करानी चाहिए। सभी दुकानदार इसके लिए तैयार हैं।
मालिकाना हक और 20 साल पुरानी रजिस्ट्री का दिया हवाला
निगम की इस एकतरफा कार्रवाई के विरोध में पालिका बाजार एसोसिएशन एकजुट हुई और इसके खिलाफ सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण अग्रवाल ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखा। व्यापारियों ने तर्क रखा कि सरकार की नीतियों के अनुसार वे 20 साल से भी अधिक पुराने हैं। निगम को उनको मालिकाना हक देना चाहिए। वे निगम से रजिस्ट्री कराने के लिए तैयार हैं। ऐसी स्थिति में निगम उन्हें इस तरह बेदखल नहीं कर सकता। नगर निगम का पालिका बाजार भवन सुरक्षित है। इसके पिलर पूरी तरह से मजबूत हैं।
वर्जन
नगर निगम को अभी तक हाईकोर्ट के लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। जैसे ही आदेश की कॉपी मिलती है, उसका पूरा अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद कानूनी विशेषज्ञों से उचित सलाह लेकर आगामी 29 जुलाई की तारीख पर अदालत के समक्ष प्रमुखता के साथ निगम का पक्ष रखा जाएगा। नगर निगम आमजन की सुरक्षा और शहर के विकास को ध्यान में रखकर काम कर रहा है।
डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम।