माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। जीटी रोड फ्लाईओवर पर राधा स्वामी सत्संग भवन के सामने दिल्ली-करनाल लेन पर वीरवार शाम एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार टीडीआई सिटी निवासी हिमांशु राणा (32) की मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से भाग गया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
मृतक के पिता पवन कुमार राणा ने बताया कि हिमांशु विवाहित था और वीरवार को किसी काम से अनाज मंडी में अपने एक दोस्त से मिलने गया था। शाम करीब सात बजे वह बाइक से घर लौट रहा था। जैसे ही वह राधा स्वामी सत्संग भवन के सामने फ्लाईओवर पर पहुंचा, पीछे से तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से हिमांशु सड़क पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से एक वाहन का टूटा हुआ पायदान मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह दुर्घटना करने वाले वाहन का हिस्सा हो सकता है। परिजनों का कहना है कि टोल प्लाजा और हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी वाहन की पहचान की जा सकती है। सूचना मिलने पर सेक्टर-13/17 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया।
हिमांशु के पिता पवन कुमार ने पुलिस से हाईवे और टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच कर आरोपी चालक की जल्द पहचान करने और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
दलबीर सिंह, प्रभारी, सेक्टर-13/17 थाना ने बताया कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। आरोपी चालक की पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
गलत दिशा से आ रही कार ने बाइक को मारी थी टक्कर, फिट घोषित होने पर बयान दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। जीटी रोड पर गलत दिशा से आ रही तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। समालखा थाना पुलिस ने घायल युवक की शिकायत पर कार चालक के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मच्छरौली गांव निवासी शुभम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 28 जून की रात वह अपने दोस्तों रोकी और अर्जुन के साथ बाइक पर समालखा से अपने गांव लौट रहा था। रात करीब 10:30 बजे जब वे अनाज मंडी से आगे मित्तल आयरन फैक्टरी के पास पहुंचे, तभी गलत दिशा से तेज गति और लापरवाही से आ रही एक कार ने बाइक को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
राहगीरों ने घायलों को पहले समालखा के सामान्य अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। बाद में परिजन शुभम और रोकी को बेहतर उपचार के लिए पानीपत के एक निजी अस्पताल ले आए, जहां उनका इलाज चल रहा है।
हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक घायलों को अस्पताल ले जाया जा चुका था। जांच अधिकारी ने 29 जून से 1 जुलाई के बीच कई बार अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान लेने का प्रयास किया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें बयान देने के लिए अयोग्य बताया। 2 जुलाई को चिकित्सकों ने जब शुभम को बयान देने के लिए फिट घोषित किया तब उसका बयान दर्ज किया गया। इसके आधार पर समालखा थाना पुलिस ने कार चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।