पानीपत। इस साल माघ माह के कृष्णपक्ष की चतुर्थी एवं संकट चौथ व्रत छह जनवरी मंगलवार को मनाई जाएगी। इस दिन माता अपने पुत्र की लंबी आयु के लिए गणेश भगवान का उपवास करती हैं और भगवान गणेश से उसकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए कामना करती हैं। इसके लिए माताओं ने बाजार से गणेश भगवान की प्रतिभा व अन्य सामान की खरीदारी भी कर ली हैं। माताएं शुभ मुहूर्त में कथा सुनेंगी और शाम को विधिपूर्वक व्रत का पारण करेंगी।
प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि इस साल संकट चौथ का व्रत छह जनवरी को रखा जाएगा। इसे संकट चौथ या तिलकुट व्रत भी कहा जाता है। यह व्रत हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। संकट चौथ का व्रत माताओं के लिए अत्यंत पुण्यदायी और फलदायी माना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से माताएं पुत्र की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से रक्षा के लिए रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संकट चौथ का व्रत करने से गणेश भगवान प्रसन्न होते हैं और भक्तों के विघ्न दूर कर उनकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। इस दिन विधिपूर्वक पूजा, उपवास करने के साथ संकट चौथ की कथा को सुनना और कहना चाहिए। बिना कथा के व्रत अधूरा रहता है। इसलिए कथा को जरूर सुनना चाहिए इससे गणेश भगवान प्रसन्न होते हैं।
पंडित प्रवीन शास्त्री ने बताया कि संकट चौथ का व्रत माताएं अपने पुत्र की लंबी आयु के लिए रखती हैं। इसके लिए माताओं ने बाजार से गणेश भगवान की प्रतिमा, नारियल आवश्यक सभी सामानों की खरीदारी कर ली है। इस दिन माताएं पुत्र की लंबी आयु की कामना करते हुए पुरा दिन व्रत करती हैं और दोपहर बाद कथा सुनती हैं। इस साल पुरा दिन ही कथा सुनने व कहने के लिए शुभ है। इसलिए माताएं किसी भी समय कथा सुन शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण कर सकती हैं। इस दिन श्रद्धानुसार तिल के लड्डू, फल आदि का दान करना चाहिए क्योंकि तिल के लड्डू एवं मोदक गणेश भगवान के प्रिय हैं।