हरियाणा के पानीपत जिले से बारहवीं पास करने के बाद पार्टी करने के लिए निकले पांच दोस्तों की कार दुर्घटनाग्रस्त होने से दो की जान चली गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में जान गंवाने वाले नांगलखेड़ी के अभिषेक (19) ने दुर्घटना से पहले ही मां से फोन पर बात की थी और 20 मिनट में घर पहुंचने की बात कही थी, लेकिन दो घंटे इंतजार करने के बाद मां के पास उसके मौत की खबर आई।
फिर क्या था मृतक छात्रों के साथ ही घायलों के परिजनों में भी कोहराम मच गया। खास बात यह है कि अभिषेक विदेश जाना चाहता था और यूएसए के लिए उसने सारी तैयारी भी कर ली थी।
रविंद्र ने बताया कि उसका भतीजा अभिषेक विकास नगर स्थित सर छोटूराम स्कूल में 12वीं का छात्र था। शुक्रवार को परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद वे दोस्तों के साथ कार से घूमने निकला था। साथ में नांगलखेड़ी निवासी हर्ष, अमन, मोहित और सिवाह गांव निवासी अमन भी गए थे।
शनिवार की सुबह पांच बजे के करीब अभिषेक के परिजन उठे तो वह घर पर नहीं था। न ही उनकी एसयूवी गाड़ी घर पर थी। इसके बाद अभिषेक की मां जगमति ने उसे फोन किया और पूछा कि वह कहां पर है। इस पर अभिषेक ने कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने आया है और अगले 20 मिनट में घर पहुंच जाएगा, लेकिन उसे क्या पता था कि अगले पल वह हादसे का शिकार हो जाएगा और मां का इंतजार कभी खत्म नहीं होगा।
दो घंटे बाद परिजनों को जब हादसे की सूचना मिली तो वे मधुबन स्थित घटनास्थल पर पहुंचे, जहां अभिषेक के साथ ही सिवाह गांव के अमन की भी मौत हो चुकी थी, जबकि मोहित, हर्ष और आजादनगर निवासी अजय गंभीर रूप से जख्मी थे।
गांव सिवाह निवासी विक्रम ने बताया कि रात 2:35 बजे तेज रफ्तार में एक गाड़ी आई थी। वह शोर सुनकर बाहर निकले, तब तक गाड़ी जा चुकी थी। सुबह छह बजे देखा तो अमन घर पर नहीं था। उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। दो घंटे तक वह ढूंढते रहे। इसके बाद करीब आठ बजे उन्हें अमन की हादसे में मौत की सूचना मिली। पता चला कि वह दोस्तों संग 12वीं में पास होने के बाद पार्टी मनाने के लिए गया था। उसका फोन घर पर ही था।
नांगलखेड़ी निवासी अभिषेक घर का इकलौता चिराग था। उसके पिता जयबीर मलिक की इसराना में मुस्कान स्कूल ड्रेस के नाम से दुकान है। उसकी एक 16 वर्षीय छोटी बहन है। अभिषेक ने 12वीं आर्ट्स से पास की थी। पिता ने बताया कि अभिषेक का यूएसए जाने का सपना था, जिसके लिए सभी तैयारी पूरी हो चुकी थी। 18 तारीख को उसकी अप्वाइंटमेंट थी। इससे पहले ही वह हमेशा के लिए चला गया।
गांव सिवाह निवासी नरेश कादियान ने बताया कि उसके दो बेटे हैं, जिनमें बड़ा अमन कादियान था जबकि छोटा अंशुल कादियान है। अमन ने आर्ट्स से 12वीं की परीक्षा पास की थी। अमन की मां सुषमा का दो साल पहले कोरोना संक्रमित होने की वजह से मौत हो गई थी।