समालखा। गांधी ग्लोबल परिवार और डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद शनिवार को 75वें संत निरंकारी समागम में पहुंचे। उन्होंने माता सुदीक्षा जी महाराज को शांति दूत सम्मान से नवाजते हुए महात्मा बुद्ध की प्रतिमा भेंट की। इसके साथ ही राजपिता रमित को शॉल भेंट की।
इस मौके पर गुलाम नबी आजाद ने सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज से विश्व में समाप्त होती इंसानियत और शांति को बचाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन-रूस जंग कई महीनों से चल रही है। अल्लाह की बनाई इंसानियत को खत्म किया जा रहा है। जहां विश्व के सभी लीडर शांति स्थापित करने में असफल हो गए हैं तो सत्गुरु माता आगे आएं और मुल्क-मुल्क, इंसान-इंसान के बीच खड़ी की जा रही वैमनस्य की खाई को दूर करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि ऊपरवाला कोई न कोई पीर पैगंबर भेज देता है, जो नफरत को मिटा दे। आपके नेतृत्व में दुनिया में शांति हो इसके लिए प्रयास करें।
गुलाम नबी आजाद ने लाखों की संगत से कहा कि पानीपत एक ऐतिहासिक शहर है और इसके गांव भोड़वाल माजरी स्थित निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर लाखों लोग पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि पानीपत का इतिहास जंगों का रहा है, कई लड़ाइयां पानीपत में लड़ी गईं। संत, फकीर, शायर पानीपत ने पैदा किए, लेकिन अब युद्धों के पुराने इतिहास छोड़कर अब यह एक नया इतिहास रच रहा है। प्यार, मोहब्बत और अमन का इतिहास है और पूरी दुनिया को इसका पैगाम दे रहा है। दुनियाभर सहित देश के कोने-कोने से लाखों की संगत यहां पहुंची है। सैकड़ों सस्थाएं देखी हैं लेकिन निरंकारी मिशन पहला मंच है, जहां इंसानियत की शिक्षा दी जाती है। भगवान, अल्लाह ने इंसान को पैदा किया लेकिन आज इंसान जातियों, धर्म में बंट गया है। इंसान के नाम से कम जाति धर्म के नाम से अधिक पहचाना जाता है।