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Panipat News: हाथी पर सवार होगी आएंगी मां, देवी मंदिर में 300 अखंड ज्योत जलेंगी

Sun, 11 Oct 2026 03:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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पानीपत। शारदीय नवरात्र रविवार को शुरू हो जाएंगे और 20 अक्तूबर तक रहेंगे। इस बार सप्तमी तिथि दो होने से व्रत दस दिन तक रखे जाएंगे। माता रानी इस बार हाथी पर सवार होकर आएंगी। उनकी हाथी की सवारी भक्तों के लिए शुभ होगी। नवरात्र में भक्तों में उत्साह देखते हुए बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है। श्रद्धालुओं ने शनिवार को माता के शृंगार समेत पूजा की सामग्री और व्रत का सामान खरीदा।
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वहीं प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर में 300 अखंड ज्योत जलाई जाएंगी और माता के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं के लिए लाइन व्यवस्था बनाई गई है। नवरात्र में जिले समेत दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु माता के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में पुलिस व्यवस्था भी की गई है।
प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर में नवरात्र के लिए तैयारी तेज हो गई हैं। मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि मंदिर में नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की तीन समय आरती की आएगी। मां का श्रृंगार प्रतिदिन दिल्ली से लाए ताजा फूलों से किया जाएगा। माता की पूजा और दर्शन के लिए भक्तों के लिए मंदिर में एक लाइन की अलग से व्यवस्था की जाएगी। प्रधान काकू बंसल ने बताया कि मंदिर में 300 अखंड ज्योत जलाई जाएंगी। हर रोज फूल बंगले बनेंगे। वहीं श्रद्धालुओं को पूजा और दर्शन करने में कोई परेशानी न हो इसके लिए सभी व्यवस्था कराई जा रही हैं। मंदिर में पहले और सप्तम व्रत को गांव से भी लोग पूजा करने के लिए पहुंचते हैं और भीड़ ज्यादा रहती है। इसलिए किसी को कोई परेशानी न हो इसके लिए पुलिस व्यवस्था भी की गई है। मंदिर में हर समय पुलिस रहेगी। संवाद
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विशेष अभिजीत नक्षत्र में होगी घट स्थापना-
पंडित प्रवीन शास्त्री ने बताया कि घट स्थापना का समय सुबह 06:19 से 10:12 बजे तक का है। उसके बाद अभिजीत नक्षत्र में 11:44 से 12:31 बजे तक हम घट स्थापना कर सकते हैं। इस बार एक नवरात्र का बढ़ा हुआ है जो शुभ होता है। माता के हाथी पर सवार होकर आने से वर्षा के योग बन रहे हैं। नवरात्र में दुर्गा सप्तमी का पाठ करना चाहिए और माता का गुणगान करना चाहिए। इस बार माता का विसर्जन पैदल हो रहा है जो चुनौतियों को संकेत देता है।
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शारदीय नवरात्र की तिथियां, नौ दिन नौ रूप और नौ रंग विशेष
11 अक्तूबर प्रतिपदा मां शैलपुत्री पूजा नारंगी
12 अक्तूबर द्वितीया मां ब्रह्मचारिणी पूजा सफेद
13 अक्तूबर तृतीय मां चंद्रघंटा पूजा लाल
14 अक्तूबर चतुर्थी मां कुष्मांडा पूजा रॉयल ब्लू
15 अक्तूबर पंचमी मां स्कंदमाता पूजा पीला
16 अक्तूबर षष्ठी मां कात्यायनी पूजा हरा
17 अक्तूबर सप्तमी मां कालरात्रि पूजा बैंगनी
18 अक्तूबर सप्तमी मां कालरात्रि पूजा बैंगनी
19 अक्तूबर अष्टमी मां महागौरी पूजा लैवेंडर
20 अक्तूबर नवमी और दशमी मां सिद्धिदात्री पूजा गुलाबी
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