पानीपत। मनरेगा मजदूरों ने मांगों के समर्थन में शुक्रवार को जिला सचिवालय में प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर धीरज जावा ने मांग की पानीपत ग्रामीण और समालखा, इसराना व मतलौडा में कई बार मांग के बावजूद उन्हें मनरेगा कानून 2005 के तहत नियमित काम नहीं दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रत्येक मजदूर परिवार को सौ दिन का काम गारंटी सहित उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सौ दिन के काम के बराबर बेरोजगारी भत्ता दिया जाए।
उन्होंने कहा कि पांच सितंबर को राष्ट्रीय स्तर की निगरानी टीम की रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त मनरेगा कमी निदेशक, हरियाणा द्वारा मनरेगा के कुछ कार्यों पर रोक लगा दी गई थी। यह आदेश कानूनी दृष्टि से त्रुटिपूर्ण व तथ्यात्मक दृष्टि से अपूर्ण है। इसके लागू होने से लाखों ग्रामीण मजदूरों की आजीविका व गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और मनरेगा कानून की मूल भावना के विरुद्ध है। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। जिन कार्यों पर रोक लगी है। उन्हें पुनः अनुमन्य की श्रेणी में शामिल किया जाए और तर्कसंगत तरीके से फिर से शुरू किया जाए। रुके हुए कार्यों को तुरंत शुरू कराया जाए जिससे मजदूरों को काम और आय उपलब्ध हो सके। प्रत्येक मजदूर को साल में सौ दिन के काम की गारंटी सुनिश्चित की जाए। जिन स्थानों पर कार्य की आवश्यकता है, वहां मजदूरों को प्राथमिकता देकर काम दिया जाए। कार्य स्वीकृति और मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया सरल व समयबद्ध की जाए समेत कई मुद्दों को मांग पत्र में शामिल कर जिला उपायुक्त को समाधान कराने के लिए ज्ञापन सौंपा गया।