पानीपत। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान के अंतर्गत शनिवार को लाल बत्ती स्थित कांग्रेस भवन में बैठक की। इसमें मनरेगा के बारे में चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं ने इसे करोड़ों गरीब, मजदूर व ग्रामीण परिवारों की रोजी-रोटी का आधार बताया।
मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान के पानीपत प्रभारी सुरेश गुप्ता ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर करने और उसके नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाने के प्रयासों की कड़ी आलोचना की गई। उन्होंने कहा कि मनरेगा के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ गरीबों के अधिकारों और संविधान की भावना पर सीधा हमला है। इसे कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष रमेश मलिक और शहरी अध्यक्ष बलजीत सिंह ने सुरेश गुप्ता का स्वागत किया। प्रदेश में आठ लाख से ज्यादा पंजीकृत मनरेगा मजदूर हैं, लेकिन सरकार ने 2024-25 में सिर्फ 2100 परिवारों को 100 दिन का काम दिया। यानी हरियाणा में भाजपा इसे पहले ही खत्म कर चुकी थी और अब नाम बदलकर इसके अस्तित्व को ही मिटाने की कोशिश की गई है। कांग्रेस इस फैसले का हर स्तर पर विरोध करेगी और सरकार को इसे वापस लेने के लिए मजबूर करेगी। मनरेगा मजदूरों के साथ कांग्रेस मजबूती से खड़ी है। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता वरिंदर बुल्ले शाह, सचिन कुंडू, दिव्यांशु बुद्धिराजा, पूर्व विधायक बलबीर वाल्मीकि, बलवान वाल्मीकि, सतपाल वाल्मीकि, खुशीराम जागलान, संजय गर्ग, सुभाष बठला, रामसिंह सरपंच, सुभाष तंवर सुताना, एडवोकेट मोहकम छौक्कर, सुभाष गिल, रूबल संधू व पुनीत मौजूद रहे। ब्यूरो