शहर से बीजेपी की विधायक रोहिता रेवड़ी ने सरकार को पत्र लिखकर शहर की समस्याओं को दूर करने के लिए कहा है।
उन्होंने पत्र में पिछली सरकार पर भी आरोप लगाए हैं। रेवड़ी ने कहा है कि पिछली सरकार और उसके विधायक ने शहर को कोई खास तवज्जो नहीं दी है।
इस कारण शहर का विकास नहीं हो पाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को शहर की गंभीर समस्याओं से अवगत कराया है। मुख्यमंत्री ने भी पत्र पर संज्ञान लेते हुए डीसी को समस्याओं को हल करने के बारे में आदेश दिए हैं। इसके अलावा जो योजनाएं लंबे समय से चली आ रही है।
इसके बारे में फिजिबिलिटी चेक करके सूचना देने के बारे में कहा है। हालांकि आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल शहर में आ रहे हैं। देखने वाली बात होगी कि विधायक ने उन्हें पत्र लिखकर जो समस्याएं बताईं हैं, उनमें से कितनी समस्याओं को सीएम दूर करते हैं।
विधायक रोहिता रेवड़ी ने शहर की सबसे बड़ी समस्या में से एक बस स्टैंड को शहर के सेक्टर 13/17 में शिफ्टिंग के प्रस्ताव के बारे में लिखा है। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड के बीच शहर में होने के कारण जाम की स्थिति रहती है। इस पर डीसी ने जीएम रोडवेज को मार्क किया है। और जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के बारे में कहा है।
शहर के बीचों बीच में सिविल अस्पताल है। शहर की जनसंख्या को देखते हुए अस्पताल काफी छोटा पड़ता है। लोगों को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पतालों या फिर शहर से बाहर जाना पड़ता है। इसलिए अस्पताल का आधुनिकीकरण किया जाना बेहद आवश्यक है। अस्पताल में पर्याप्त उपकरण भी नहीं हैं। इस कारण मरीजों के इलाज में परेशानी आती है। इस पर डीसी ने सीएमओ को अस्पताल की नई बिल्डिंग के निर्माण में रिपोर्ट मांगी है।
पानीपत एक औद्योगिक नगरी है। यहां हैंडलूम की इंडस्ट्री है। इस कारण देश विदेश से भी व्यापारी आते हैं। पिछले 10 सालों में शहर की जनसंख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। इस हिसाब से जनसंख्या बढ़ रही है।
उतनी ही तेजी से शहर की सफाई का ग्राफ गिरता जा रहा है। नगर निगम के पास पर्याप्त सफाई कर्मचारी नहीं हैं। इस कारण शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ी है। विधायक ने मुख्यमंत्री से शहर के लिए 600 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की है। डीसी ने कमिश्नर नगर निगम को सफाई व्यवस्था करने के संबंध में जवाब मांगा है।
पानीपत में पानी का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इस कारण शहर की जनता को पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार की मदद से शहर में रैनीवेल वाटर प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। विधायक ने बताया कि प्रोजेक्ट को लगाने का प्रस्ताव पिछली सरकार में आया था। लेकिन कुछ कारणों से प्रोजेक्ट शुरू नहीं हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वाटर प्रोजेक्ट को लगाने की मंजूरी दी जाए। डीसी ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी मांगी है।
शहर की सड़कों की स्थिति काफी जर्जर है। बरसात के समय ये समस्या काफी गंभीर हो जाती है। बारिश के कारण सड़कों में गड्ढे पड़ जाते हैं।
इस कारण लोगों को सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाता है। विधायक ने सड़कों की मरम्मत के लिए 25 करोड़ रुपये की मांग की। डीसी ने कमिश्नर नगर निगम से इस संबंध में जानकारी मांगी है। हुडा की सड़कों के लिए भी विधायक ने 15 करोड़ की मांग की है।
विधायक ने पत्र में लिखा है। नगर निगम के कार्यालय दो जगह पर हैं। इस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विधायक ने निगम के एक ही कार्यालय के लिए कहा है। इस पर डीसी ने कमिश्नर नगर निगम को इस संबंध में जल्द से जल्द जवाब देने के लिए कहा है।