पानीपत। एक माह पहले तहसील कैंप क्षेत्र से किडनैप हुए हितेश का अब तक सुराग नहीं लगा है। न ही अपहरण करने वाले ने परिजनों के पास फिरौती के लिए दोबारा फोन किया है। परिजन आरोपी की गिरफ्तारी और हितेश की बरामदगी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे है। पुलिस की चार टीमें भी इस मामले को अभी तक नहीं सुलझा सकी हैं। परिजनों ने पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले की फाइल बंद कर दी है। वह कई बार एसपी और डीएसपी से मिल चुके है। हर बार उन्हें जांच का आश्वासन दे दिया जाता है। यदि पुलिस ने मामले में गंभीरता दिखाई होती, तो हितेश बरामद हो चुका होता। किया जा सकता था। विदित है कि 26 जुलाई को हितेश तहसील कैंप के अशोक नगर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था।
पुलिस ने 27 जुलाई को तहसील कैंप चौकी में हितेश की गुमशुदगी दर्ज की थी। 28 अगस्त को परिजनों ने हितेश के पास फोन किया तो फोन एक व्यक्ति ने उठाया। उसने हितेश के उसके कब्जे में होने की बात कही। साथ ही छोड़ने के बदले 25 लाख रुपये मांगे। पुलिस को आरोपी की लोकेशन गांव कचरौली के पास मिली। इस पर पुलिस फोर्स ने वहां छापा मारा। छह घंटे तलाश करने के बाद भी पुलिस को वहां से कुछ नहीं मिला। उसके बाद से ही पुलिस आरोपी की लोकेशन ट्रैस करने की कोशिश कर रही है।