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खनन, जमीन और रंजिश में हुई थी हत्या

Fri, 10 Jan 2014 11:58 PM IST
अमर उजाला, पानीपत
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पानीपत। हथवाला के सरपंच नीरज त्यागी की हत्या रेत खनन, पंचायती जमीन और रंजिश के कारण हुई थी। इन सब बातों को लेकर गांव में तनाव बना है और पुलिस और प्रशासन के भी गले की फांस बना है।
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सरपंच का पीड़ित परिवार भी इन बातों को लगातार उठा रहा है और पुलिस पर लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।

हथवाला के सरपंच नीरज त्यागी की हत्या के मामले में पुलिस पूरी तरह से उलझी है। पुलिस हत्या के कारणों की तह तक जाना तो दूर हत्यारोपियों तक को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इस कारण ग्रामीणों समेत आसपास के लोगों में भी रोष है।

अमर उजाला माई सिटी ने मामले को गंभीरता से लिया और पीड़ित परिवार के सदस्यों से बात कर मामले की तह तक जाने का प्रयास किया। अमर उजाला को सरपंच नीरज त्यागी हत्या के तीन कारण मिले और परिवार के लोगों ने भी प्रशासनिक अधिकारियों के सामने इन बातों को रखा।
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हथवाला के साथ लगते यमुना के घाट पर रेत खनन का मोटा काम है। सरपंच नीरज त्यागी की हत्या का एक कारण यह भी है। सरपंच के भाई श्रीभगवान त्यागी ने बताया कि एक पूर्व मंत्री के परिवार के सदस्यों को यहां पर रेत खनन का काम है।

वे यहां से ट्रैक्टर-ट्राली से रेत खनन करते हैं। नीरज त्यागी इनका विरोध करते थे और कई बार मामला पुलिस तक भी पहुंचा था। गांव में पंचायती जमीन भी नीरज त्यागी की हत्या का कारण माना जा रहा है।

जयभगवान त्यागी ने बताया कि गांव की राकसेड़ा रोड पर साढ़े तीन एकड़ पंचायती जमीन पर पूर्व मंत्री के भाई का कब्जा है। वे कोर्ट में जमीन कब्जे का मामला हार चुके हैं और करोड़ों रुपये की कीमत है। सोमदत्त के घर के बीचों-बीच भी गली का रास्ता है।

सुरेंद्र और रामपाल के पशुबाड़े में पंचायती शौचालय बनने हैं। हादसे के 15 दिन पहले इसकी निशानदेही ही है। वे पंचायती जमीन के हाथों से जाते देखकर चिंतित थे।

हथवाला गांव में चार पीढ़ी से पूर्व मंत्री के परिवार की चौधरी रही है। वे लगातार गांव के सरपंच बनते आ रहे हैं। इस बार नीरज त्यागी ने सामने चुनाव में खड़ा हो गया।

गांव में रिकार्ड तोड़ 85 प्रतिशत मतदान हुआ और नीरज त्यागी सरपंच चुना गया। श्रीभगवान त्यागी ने बताया कि आरोपी पक्ष के लोगों ने उस दिन तीन माह तक ही सरपंची रहने देने की चेतावनी दी थी।

इस सबके के बीच नीरज ने कई साल तक सरपंची की और गांव में रिकार्ड विकास कराया। नीरज के विकास कराने की नीयत से वे चिंतित थे।

सरपंच नीरज त्यागी की हत्या के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर परिवार के लोग शुक्रवार को दूसरे दिन भी गांव में पहुंचे। श्रीभगवान त्यागी सहित ग्रामीण कई घंटे तक एसपी के कार्यभार संभालने का इंतजार करते रहे। एसपी के कार्यालय में न आने पर वे डीएसपी मुख्यालय राजबीर हुड्डा से मिले।

हथवाला सरपंच नीरज त्यागी एक जनवरी को दोपहर बाद समालखा से गांव वापस जा रहे था। उसके साथ चार अन्य लोग भी गाड़ी में थे। डिकाडला गांव निकलते ही उसकी गाड़ी को कैंटर सवार लोगों ने टक्कर मार दी। उनके बचने के बाद नीरज त्यागी पर हमला कर दिया और उसकी बुरी तरह से घायल कर दिया था।

पानीपत के एक निजी अस्पताल में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिवार के लोगों के बयान पर हत्या के मामले में 12 लोगों को नामजद करते हुए 15 के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। उसी रात को पुलिस पार्टी पर भी हथवाला गांव में फायरिंग कर दी थी।

वर्जन
हथवाला के सरपंच नीरज त्यागी की हत्या में मुकद्दमा दर्ज है और पुलिस गंभीरता के साथ मामले की जांच कर रही है। इसमें कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और बाकी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
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बदन सिंह राणा, एएसपी, पानीपत
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