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बिना तालमेल बेकाबू हो रहा खनन

Thu, 28 Nov 2013 11:37 PM IST
अमर उजाला, पानीपत
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पानीपत में खनन विभाग और पुलिस में तालमेल की कमी के कारण अवैध खनन हो रहा है। पानीपत में यमुना और उसके आसपास रेत का ही नहीं, बल्कि शहर के आसपास मिट्टी का भी खनन जारी है।
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खनन विभाग स्टाफ कम होने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है और जिले में अपराध और वीआईपी ड्यूटी पुलिस के लिए चिंता है।

यमुना का एक बड़ा क्षेत्र पानीपत और करनाल से लगता है। यमुना के दोनों तरफ लंबे समय से अवैध खनन चल रहा है। इसकी जिम्मेदारी पानीपत स्थित खनन विभाग की है। विभाग अपने स्तर पर यह सब कार्रवाई नहीं कर पाता। उसको खनन रोकने में पुलिस के सहयोग की जरूरत पड़ती है।

ये आ रही है दिक्कत
थाना और चौकी पुलिस अवैध रूप से रेत और मिट्टी का खनन करने वालों पर कार्रवाई के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र नहीं है। किसी भी ट्रैक्टर-ट्राली या डंपर को पकड़ने पर खनन विभाग को सूचित करना पड़ता है। खनन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल करते हैं। कमी निकालने पर भी पुलिस कार्रवाई करती है या फिर खनन विभाग को सौंप दिया जाता है। कई बार वाहन चालक जांच के बाद निर्दोष मिलता है। जिसका खामियाजा पुलिस को भुगतना पड़ता है। वहीं खनन विभाग अपने स्तर पर रेत माफियाओं पर नकेल नहीं कस सकता। उसके पास पर्याप्त स्टाफ के साथ सुरक्षा उपकरणों की भी कमी है। कई बार उनको रेत माफियाओं के विरोध का सामना करना पड़ता है।
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पुलिस की नाकामी आ चुकी है सामने
रेत खनन में पुलिस की नाकामी किसी से छिपी नहीं है और सबके सामने आ चुकी है। गत दिनों की एक दिन की सख्ताई में एक थाना और एक चौक प्रभारी समेत 12 पुलिसकर्मी रेत खनन में लापरवाह मिले। एसपी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सभी 12 को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।

खनन विभाग पहले ही पस्त
खनन विभाग के पास टीम और संसाधन पर्याप्त न होने का फायदा माफिया आसानी से उठा लेते हैं। खनन विभाग की टीम सूचना मिलने पर उस दिशा में पहुंच जाती है। लेकिन उसको वहां कुछ नहीं मिल पाता। माफिया अधिकारियों को चकमा देकर दूसरी दिशा में आसानी से बच निकलते हैं। इस स्थिति में खनन विभाग खुद को लाचार मानता है।

पांच का स्टाफ, दो जिलों की जिम्मेदारी
खनन विभाग में एक अधिकारी, दो इंस्पेक्टर और दो गार्ड समेत पांच का स्टाफ है। विभागीय अधिकारियों की माने तो पानीपत स्थित कार्यालय पानीपत और करनाल दोनों जिलों का है। खनन विभाग को पानीपत के साथ करनाल में हो रहे खनन को देखना होता है। अधिकारियों का मानना है कि खनन के एक मामले को पकड़े जाने के बाद उसके कागज तैयार करने और कोर्ट में केस दायर करना पड़ता है। इसमें लंबा समय लगता है और इसके आगे कोर्ट की हर तारीख में अधिकारियों को अपना पक्ष रखना पड़ता है।

वर्जन
खनन विभाग ऐसे लोगों पर लगातार नजर लगाए हुए है और कई बार इसमें सफलता भी मिली है। उनको खनन रोकने में पुलिस की मदद लेनी पड़ी है। इसके बिना वे कहीं पर दबिश नहीं दे सकते। पुलिस अपने स्तर पर हर संभव प्रयास करती है, लेकिन कई बार उनके पास भी मजबूरी होती हैं।
डा. माधवी गुप्ता, खनन अधिकारी पानीपत

वर्जन
पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ हर विभाग का सूचना मिलने पर सहयोग देती है। खनन विभाग को कभी सुरक्षा देने में शिकायत का मौका नहीं दिया जाता। जिला पुलिस इस समय भी रेत खनन को रोकने के लिए प्रयासरत है और जिले में रेत खनन पूरी तरह से बंद करा दिया गया है।
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युद्धबीर सिंह, पीआरओ, पुलिस पानीपत
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