लगातार चार साल की उठापटक के बाद आखिरकार जनस्वास्थ्य विभाग को नगर निगम में विलय करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। अब निगम एवं पब्लिक हेल्थ दस दिन में सभी ट्यूबवेलों का ज्वाइंट सर्वे करेगा और खराब ट्यूबवेलों को दुुरुस्त करवाने का काम भी करेगा। इसे लेकर दोनों विभागों के अतिरिक्त मुख्य निदेशकों को पत्राचार करने के साथ-साथ निगम एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी सूचित किया जा चुका है। वहीं, निगम के साथ पब्लिक हेल्थ और शहरी विधायक की मीटिंग हो चुकी है। जिसमें शहर को सुचारू रूप से पीने के पानी और सीवरेज की जिम्मेदारी पर विचार विमर्श किया गया है। वहीं, शुक्रवार को पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन राजेश कौशिक, डिविजन नंबर वन के एसडीओ राकेश कुमार व घरौंडा पब्लिक हेल्थ डिविजन नंबर दो के एसडीओ भूपेंद्र सिंह को पब्लिक हेल्थ से नगर निगम में डेप्यूट कर दिया गया है।
विलय के बाद से ही पब्लिक हेल्थ के सभी कर्मचारी व अधिकारी निगम के लिए काम करेंगे। जिसमें शहर में पानी की सप्लाई, सीवरेज व ड्रेनेज का हर काम नगर निगम के अधीन होगा। हालांकि इस काम को करने की जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य विभाग की ही रहेगी। निगम में पब्लिक हेल्थ के सभी पक्के व कच्चे कर्मचारियों को निगम में डेप्यूटेशन पर रखा जाएगा, जबकि इनकी तनख्वाह व अन्य खर्चों का वहन पब्लिक हेल्थ को ही करना पड़ेगा। बाद में सरकार की तरफ से इस खर्च के लिए सब्सिडी जारी हो सकती है, लेकिन अभी निगम को इस काम के लिए अपना बजट नहीं लगाना होगा।
गौरतलब है कि करीब चार साल से प्रदेश भर में पब्लिक हेल्थ को नगर निगम में मर्ज करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका था। वहीं, बीच में स्थानीय नेताओं की अटकलों के चलते भी विभाग निगम में मर्ज नहीं हो पाया था।
मीटिंग में बनाई प्लानिंग : आयुक्त
पब्लिक हेल्थ को नगर निगम में मर्ज किया जा रहा है। वहीं, पीने के पानी से लेकर सीवरेज तक का काम अब निगम ही देखेगा। इससे पहले लगातार दस दिन तक एक ज्वाइंट सर्वे होगा। इसमें पब्लिक हेल्थ के सभी ट्यूबवेलों का दौरा किया जाएगा और उन्हें ठीक भी किया जाएगा। शहरवासियों को पीने के पानी की किल्लत नहीं होगी और सीवर लाइनों को रखरखाव भी निगम करेगा।
-आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।