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Panipat News: यार्न, फैब्रिक और टेक्सटाइल मशीनरी के मेगा ट्रेड शो का अनाज मंडी में आज आगाज

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मेगा ट्रेड शो में लगाए स्टॉल। संवाद
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पानीपत। वाईएफए ट्रेड शो (यार्न, फैब्रिक एंड एक्सेसरीज ट्रेड शो) और एटीएमई (एशियन टेक्सटाइल मशीनरी एक्सपो) के संयुक्त तत्वावधान में वीरवार को अनाज मंडी परिसर में ट्रेड शो का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय ट्रेड शो में पानीपत समेत अन्य शहरों के उद्यमी शामिल होंगे। मुख्यातिथि पानीपत एक्सपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित गोयल व हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विनोद धमीजा होंगे।
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शो के आयोजक अभिषेक शर्मा व अंकुर गोयल ने बताया कि पानीपत में यह उनका सातवां आयोजन है। इससे पूर्व आयोजित सभी छह संस्करणों को उद्योग जगत एवं व्यापारिक समुदाय से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष का आयोजन अब तक का सबसे भव्य और व्यापक स्वरूप लेकर आया है। प्रदर्शनी अनाज मंडी परिसर के दो विशाल हॉल में आयोजित की जाएगी, इससे पानीपत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को नवीन तकनीकों और आधुनिक मशीनरी से रूबरू होने का एक उत्कृष्ट मंच मिलेगा, इसमें देशभर से लगभग 100 प्रतिष्ठित कंपनियां भाग लेंगी। इनके माध्यम से होम टेक्सटाइल मशीनरी, फाइबर, पॉलिएस्टर यार्न, फैंसी यार्न, डाइड यार्न, कॉटन यार्न, निटिंग मशीनरी, लेजर कटिंग मशीनरी, डाई एंड केमिकल्स, प्रिंटिंग मशीनरी एवं स्पेयर पार्ट्स जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी।
यह आयोजन स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा। प्रदर्शनी में यार्न की संपूर्ण रेंज के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल पेट रिसाइकल्ड यार्न भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। एटी इंक से विवेक सिंह ने बताया की वे इंक उत्पादन के निर्माता है। इंक यूवी, पिग्मेंट, फ्लेक्स प्रिंटिंग, इको सोलवत, डीटीएफ व सब्लिमेशन मशीनों में इस्तेमाल होती है। विदेशी निर्माताओं को टक्कर दे रहे है। वे पानीपत में पहली बार आए हैं। कलरजेट डिजिटल टेक्सटाइल नोएडा कंपनी की उप महाप्रबंधक नेहा अरोड़ा त्यागी ने बताया उनकी कंपनी की मशीन पूरी तरह मेक इन इंडिया है। पहले लोग इस तरह की मशीन चीन से लाते थे। सर्विस या पार्ट्स के लिए बहुत ज्यादा समय लग जाता था। पिग्मेंट प्रिटिंग मशीन से इलेक्ट्रसिटी खपत काम होगी। इस मशीन से मात्र एक मीटर कपडे़ पर प्रिंटिंग के लिए एक से दो लीटर पानी लगेगा, जबकि चीन मशीन में बिजली खपत ज्यादा थी और पानी भी ज्यादा लगता था।
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