नगर निगम के हाउस की मीटिंग में हल्के विरोध के बीच 56 मुद्दों पर मुहर लगा दी गई और प्रशासन के दो मुद्दों पर ऑब्जेक्शन लगा दिया गया। हालांकि शहर में लाइट लगाने के मामले पर कुछ हंगामा हुआ और शहरी विधायक पर लाइटों के मामले में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया।
हाउस की इस बैठक में बाहरी कॉलोनियों को वैध करने और जीटी रोड के विस्तारिकरण के मुद्दे को पास होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेयर ने बैठक को शांतिपूर्वक व ज्वाइंट कमिश्नर ने पानीपत के हाउस की अपनी बैठक को सफलतापूर्वक होना बताया है।
नगर निगम हाउस की बैठक वीरवार को लघु सचिवालय के प्रथम तल पर मेयर सुरेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई। जिसका संचालन नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अश्विनी मेंगी ने किया। बैठक दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुई और आधा घंटे की औपचारिकताओं के बाद करीब चार बजे विधिवत ढंग से शुरू हुई। सबसे पहले प्रशासन द्वारा जारी एजेंडों को बैठक में रखा गया।
हाउस द्वारा 12 में से 12 मुद्दों को मंजूरी दे दी, लेकिन कुछ सड़कों का नाम बू अली शाह कलंदर के नाम रखने व नगर निगम क्षेत्र में सेक्टर-13-17 के पास जीटी रोड के साथ के क्षेत्र को अनबिल्ड क्षेत्र घोषित पर आब्जेक्शन लगा दिया। विपक्ष के साथ कुछ समर्थित पार्षदों ने भी इसका विरोध जताया।
इसके बाद हाउस की बैठक में मुख्यमंत्री की 14 घोषणा को रखा गया। पार्षदों ने एक ताल में सबको मंजूर कर दिया। इसके बाद पार्षदों के प्रस्ताव को मांगा गया। जिसमें पार्षदों के 33 मुद्दों को मंजूर कर दिया। बैठक में वार्ड-आठ पार्षद अशोक नारंग, वार्ड-10 पार्षद अशोक कटारिया, वार्ड-17 पार्षद सुनील वर्मा व वार्ड-23 पार्षद शीला देवी शामिल नहीं हुई।
ये एजेंडे हुए पास
1. नगर निगम पानीपत के अंदर संवेदनशील क्षेत्रों व भीड़ भाड़ में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। सभी पार्षदों द्वारा इसको पास कर दिया गया।
ये होगा फायदा
शहर में सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद लोगों किसी भी आपराधिक व्यक्ति की गतिविधियां दर्ज हो सकेंगी और उनको आसानी के साथ पकड़ा जा सकता है।
2. नगर निगम के क्षेत्र में आने वाले सभी अवैध कालोनियों, जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक एरिया का पहले से ही निर्माण हो चुका है को वैध किया जाएं। इसका सभी पार्षदों ने एकमत होकर स्वागत किया।
फायदा
पानीपत में करीब 67 बाहरी कॉलोनी हैं और यहां पर करीब डेढ़ लाख लोग रह रहे हैं। ये कॉलोनी लंबे समय से अवैध हैं और स्थानीय लोग कई बार इसकी मांग उठा चुके हैं। इन कॉलोनियों के वैध होने पर विकास हो सकेगा और लोगों को हर संभव सुविधा मिल सकेंगी।
3. मुख्यमंत्री घोषणा में असंध रोड पर नहर के साथ असंध रोड से जाटल रोड तक इंटरलोकिंग टाइल्स बिछाई जाने बारे। जिसका अनुमान 65.70 लाख रुपये का बीएंडआर द्वारा दिया गया है। इसको सभी पार्षदों द्वारा मंजूर कर दिया गया।
4. नगर निगम द्वारा नागरिकों को दी जाने वाली सुविधाओं जैसे कि जन्म-मृत्यु, गृहकर, लाइसेंस समेत सोलह सुविधाओं का कंप्यूटरीकरण करना। इसको भी सभी पार्षदों ने मंजूर कर दिया।
5. नगर निगम द्वारा ही क्षेत्र में विज्ञापन लगाए जाने बारे माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अधिकृत द्वारा नियमानुसार स्वीकृत की गई जगहों पर विज्ञापन लगाने हेतु टेंडर लगाकर ठेका दिया जाना। इसको सभी पार्षदों द्वारा मंजूर कर दिया गया।
6. निगम क्षेत्र से कूड़ा-कर्कट उठाकर निस्तारण को ले जाने के टेंडर दिया जाना। सभी पार्षदों ने समर्थन कर दिया।
7. हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 के नियम 40 के तहत बिल्डिंग व रोड कमेटी, हाउस टैक्स असेसमेंट कमेटी, वित्तीय व कांट्रेक्ट कमेटी, वाटर सप्लाई और सिवरेज डिसपोजल कमेटी व स्लम डेवलपमेंट कमेटियां बनाई जाना। सभी पार्षदों ने पास कर दिया।
8. संजय कॉलोनी में भगवान परशुराम धर्मशाला के सामने से गोहाना रोड पर पहुंचने वाली सड़क का नाम भगवान परशुराम धर्मशाला वाली गली रखना। इसको भी मंजूर कर दिया।
9. नगर निगम में वर्ष 2010 में 79 से अधिक कॉलोनियां शामिल हुई थी। ये कॉलोनियां सरकार की हिदायतों के अनुसार नार्म्स व मापदंड पूर्ण करती है। इसलिए इन कॉलोनियों को सरकार से वैध करवाने की प्रस्तावना सदन में रखी गई। जिसको सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया गया। ।