नगर निगम की अगस्त माह में होने वाली हाउस की बैठक में मेयर व पार्षदों ने जेबीएम व लाइट के ठेकेदारों को घेरने के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है। उनका मुख्य मुद्दा शहर में हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है। उन्होंने तीन बार विकास कार्यों के लिए हुए टेंडर में भ्रष्टाचार को उजागर किया है, अब उनकी मांग है कि निगम कमिश्नर उनको ब्लैक लिस्ट करे, ताकि दूसरी बार वह शहर के पैसे के साथ ऐसा घोटाला ना करे।
जानकारी के अनुसार नगर निगम की तीसरी हाउस की बैैठक 10 अगस्त को होने जा रही है। इसलिए वार्ड नंबर 4, 5, 6, 7, 13, 15, 19, 22 व 23 के पार्षद बुधवार को मेयर कार्यालय में पहुंचे। यहां पर अवनीत कौर व पार्षदों ने मिलकर जेबीएम व स्ट्रीट लाइट के ठेकेदारों के घोटाले व शहर की समस्याओं को लेकर चर्चा की। उन्होंने शहर के मुख्य एजेंडों की लिस्ट तैैयार कर ली है, वहीं पार्षदों ने भी अपने-अपने वार्डो की समस्याओं की लिस्ट बनाकर मेयर के कार्यालय में जमा करवा दी है। इसमें उनके मुख्य मुद्दे स्ट्रीट लाइट लगवाना, सफाई कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाना, सड़क निर्माण के टेंडर लगाना, बैठने के लिए बैंच लगाना, नालों को सीवर से जोड़ना, डेरियों को बाहर शिफ्ट कराना आदि मुख्य हैं। वहीं इसके अलावा पार्षदों ने सुझाव दिया कि वह बैठक में एक माह में बजट मिलने का मुद्दा रखे, ताकि वह अपने बजट से किसी भी वार्ड में तुरंत प्रभाव से काम कर सके। पार्षदों ने कहा कि मेयर को तीन लाख व पार्षदों को एक एक लाख रुपये माह में बजट के मिलने चाहिए। इससे शहरवासियों को भी लाभ होगा, क्योंकि पार्षदों को टेंडर लगने का इंतजार नहीं करना होगा और वह टेंडर के अलावा अपने बजट से शहर की समस्या को हल करवा सकेंगे।
बैठक में पार्षद को मिलेगा पहले स्थान, बाद में अधिकारी को
नगर निगम मेयर ने कहा कि जुलाई माह में होने वाली हाउस की बैठक में पार्षदों को बैठने के लिए जगह नहीं मिली थी, उन्हें अव्यवस्था का सामना करना पड़ा था। इस बार उन्होंने पहले ही आदेश दिए है कि मीटिंग में अधिकारी व पार्षद ही मौजूद होंगे, अगर दूसरे विभाग का अधिकारी आएगा तो वह सिर्फ अकेला बैैैठक में मौजूद होगा, उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति नहीं आएगें। बैठक में पार्षदों को पहले व अधिकारियों को कुर्सियां बाद में मिलेगी।
जेई एमई के पीए साथ नहीं आएगें : रविंद्र
मेयर कार्यलय में हुई बैठक में वार्ड 6 के पार्षद ने कहा कि जुलाई माह की बैैठक में जेई, एमई व एक्सईएन के असिस्टेंट ने जगह घेर ली थी, लेकिन इस बार यह अधिकारी अकेले आएं और दस्तावेजों को खुद साथ लेकर आएं। उनको खुद सभी दस्तावेजों की जानकारी होनी चाहिए।
वार्ड के मुद्दों को छोड़ शहर की मुख्य समस्या को करेंगे शामिल: कटारिया
वार्ड 7 के पार्षद अशोक कटारिया ने कहा कि हर वार्ड की मुख्य समस्या को बैठक के बाद कमिश्नर की टेबल पर बाद में रखा जा सकता है, लेकिन पहले शहर की मुख्य समस्या को बैठक में रखेंगे उन्होंने बताया कि गंदगी को दूर करना, गंदे पानी की निकासी और स्ट्रीट लाइट ठीक होने के मुद्दे शामिल हैं। शहर को किस प्रकार सुंदर बनाया जा सकता है, इस पर चर्चा करने की आवश्यकता है।
जेबीएम देती है शहरवासियों को लारा, अभी आएं जी, अभी आगे जी, बस दस मिनट रूको : कमल
शहरवासी कमल का कहना है कि जेबीएम कंपनी शहर में चाहे कूड़ा उठान की बात हो या फिर डोर टू डोर की, सभी फैल है। अगर मेनेजर को फोन किया जाता है तो वह कहता है कि अभी आएं जी, अभी अभी अभी आगे जी, आप दस मिनट रुको, यह शब्दावली उनके मुख से सुनने को मिलती है, लेकिन हफ्ते हफ्ते तक सफाई नहीं होती। शिकायत करने के सात से दस दिन बाद कर्मचारी आता है, जो कि निगम के लिए गंभीर विषय है। क्योंकि चार करोड़ रुपये सफाई पर खर्च करने वाले नगर निगम को शहर में निरीक्षण करना चाहिए, कि क्या असल में सफाई हो रही है या नहीं।
जेबीएम कंपनी के उच्च अधिकारी व अन्यों ने मिलकर वार्ड 1, 2, 3,4 का दौरा किया है, उनमें सफाई हो रही हैं। निवासियों का कहना है कि जेबीएम काम कर रही है। डोर टू डोर पूरा हो रहा है ।
अतिंद्र सिंह, मैनेजर, जेेेबीएम एन्वायरों।
अभी तक उनके पास पार्षदों की सैंकड़ों समस्या वार्ड में सफाई न होने की आई है, जिनको वह बैठक में रखेगी। इसके अलावा शहर के जो मुख्य मुद्दे है, जिन्हें वह बैठक में पास कर विकास कार्य करवाएंगी। इसके अलावा जो मुद्दे पहली बैठक में पास हुए थे और उनका वर्कआर्डर नहीं किया गया था, इस पर चर्चा होगी।
अवनीत कौर, मेयर नगर निगम, पानीपत