पानीपत। पुलिस प्रदेश में 12 से 26 जून तक नशे के खिलाफ नशा मुक्त भारत पखवाड़ा अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत आज पुलिस की टीमें मेडिकल स्टोरों पर गई। यहां पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ बैठक की। पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालकों से अपील की कि अगर कोई युवक उनसे नशे के लिए दवा मांगता है तो इसकी सूचना उन्हें जरूर दें। युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करें। सभी थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी अभियान के तहत प्रतिदिन अपने अधिकार क्षेत्र में अलग-अलग स्थान पर कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देकर जागरूक कर रहे हैं।
डीएसपी सतीश गौतम ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है। नशा शरीर और मस्तिष्क पर बहुत ही गलत प्रभाव डालता हैं। नशे का आदी होना आसान है लेकिन इस लत से छुटकारा पाना बेहद मुश्किल है। नशे के कारण व्यक्ति का सामाजिक व पारिवारिक जीवन तबाह हो जाता है। समाज में कई लोग ऐसे होते है जो नशे की लत पाल कर पूरी तरह नशे के आदी हो जाते हैं, उनके लिए वापस लौटना और जिंदगी की नई शुरुआत करना मुश्किल होता है, क्योंकि नशे के कारण उनमें इतना मनोबल भी नहीं होता कि नशा छोड़ने के लिए संकल्प ले सकें। इस अभिशाप को जड़ से खत्म करने के लिए समाज के सभी लोगों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। नशा व्यक्ति के शरीर के लिए तो हानिकारक है ही, साथ में यह अपराध करने का मुख्य कारण भी बनता है। जो व्यक्ति नशा करने लग जाता है तो वह नशा पूर्ति के लिए पैसे ना होने पर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने लग जाता है। उनकी मेडिकल स्टोर संचालकों से अपील है कि वह पुलिस का सहयोग करें और नशे की दवाएं मांगने वालों की जानकारी पुलिस को दें।