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Panipat News: सील तोड़कर चलाई जा रही हैं मीट की दुकानें

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पानीपत। प्रशासन ने मीट की दुकानों पर सख्ती करते हुए उन्हें 21 नियमों के पालन के निर्देश दिए थे लेकिन मीट दुकानदार प्रशासन के नियम मानने के लिए राजी नहीं है। प्रशासन ने शनिवार को 10-12 दुकानों को सील कर दुकानदारों को कड़ा संदेश भी दिया था। दुकानदारों को नोटिस भी जारी किए गए थे। अगले ही दिन दुकानदारों ने सील तोड़कर दोबारा काम शुरू कर दिया।
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उल्लेखनीय है कि शहर में धार्मिक व शिक्षक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में मीट की दुकानों पर प्रशासन ने पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया था लेकिन अब भी यह दुकानें सरेआम संचालित की जा रही हैं। दुकानों में पशुओं का वध किया जा रहा है। पशुओं के वध के लिए अलग से किसी स्थान का लाइसेंस नहीं लिया गया है। सबसे अधिक मीट की दुकानें बबैल रोड, विद्यानंद कॉलोनी, देशराज कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, काबड़ी रोड व नूरवाला में चल रही है।



रविवार को मीट दुकानदारों की मनमानी से ही जाटल रोड पर एक तीन साल के बच्चे की कैंटर के नीचे आने से मौत हो गई थी। यह कैंटर चालक इन मीट की दुकानों पर मुर्गा सप्ताह करने आया था। इस दुकानों को प्रशासन ने शनिवार को सील किया था। अगले ही दिन इन दुकानदारों ने सील तोड़कर दुकानें खोल ली थी। इसका लोगों ने विरोध भी किया था। अब तक कैंटर चालक फरार है। परिजन पुलिस से जल्द कैंटर चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस घटना के बाद मीट दुकानदार दुकान बंद कर घर चले गए थे।
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यहां चल रहीं सरेआम मीट की दुकानें

- तहसील कैंप स्थित गुरुद्वारा के पास।
-खादी आश्रम स्थित स्कूल के पीछे।
- जीटी रोड पर गुरुद्वारा के पास।



- एक कॉलेज के परिसर में।



- लाल बत्ती चौक स्थित सरकारी स्कूल के पास।



- सनौली रोड पर पुरानी सब्जी मंडी तक 10-12 मीट की दुकानें।



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- तय किए हैं यह 21 नियम



- निगम क्षेत्र में मीट बिक्री का लाइसेंस जरूरी।



- लाइसेंस बिना मीट बनाने की अनुमति नहीं।



- मांस की दुकानाें में जानवराें का वध नहीं किया जाए, बल्कि लाइसेंस वाली जगह पर ही वध हाे।



- पक्का फर्श अनिवार्य है।



- छत व दीवाराें पर पक्का पलस्तर हाे।



- पर्याप्त राेशनी व वेंटिलेशन सुविधा हाे।



- मांस, औजार व बर्तन धाेने के लिए सिंक जरूरी।



- दुकान में नाली व ढलानदार फर्श जरूरी।



- मांस भंडारण के लिए डीप फ्रीज जरूरी।



- मांस की दुकान साेने या रहने के लिए प्रयाेग नहीं हाे। पिंजरा भी बाहर नहीं हाेना चाहिए।



- सरकार द्वारा तय स्थानाें पर ही दुकान हाे।



- किसी भी धार्मिक व शैक्षणिक स्थानाें के पास नहीं हाे।



- मांस काटने वाले औजार के ऊपरी भाग पर जिंक शीट, स्लेट, संगमरमर या पत्थर लगा हाेना जरूरी।



- दुकान में प्रयाेग हाेने वाली हर चीज साफ हाे।



- मक्खियाें से बचाव के हर प्रबंध जरूरी।



- मानव उपयाेग के उपयुक्त हाेना जरूरी।



- मांस व औजार सिंक में ही धाेए जाएं।



- मांस में नहीं बिकने वाले हिस्से खुले में नहीं फेंके जाएं।



- झटका या हलाली का नाेटिस जरूरी।



- लाइसेंस प्राप्त करने और खत्म हाेने की तिथि जरूरी।



- मीट की दुकान धार्मिक स्थल से 100 मीटर दूर हाेना जरूरी।




वर्जन-



नगर निगम के डीएमसी अरुण कुमार ने बताया कि मीट की दुकान नियमों पर ही चलेंगी। इसके लिए नियम बनाए गए हैं। हाल ही के दिनाें में पुराना गाेहाना राेड पर शास्त्री काॅलाेनी के पास और बरसत राेड पर नूरवाला बस अड्डा के पास भी दुकानाें काे सील किया गया है। यह कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी।
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