त्रिवेणी घाट पर अस्थि विसर्जित कराते साधु संत: स्रोत : संस्था
पानीपत। जनसेवा दल द्वारा ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर 300 अस्थि-कलशों का सामूहिक विसर्जन किया। विसर्जन से दल के सदस्यों ने हवन किया। इसके बाद 500 श्रद्धालुओं ने गंगा में फूल प्रवाहित किए। इस दाैरान महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली।
जगन्नाथ धाम के महामंडलेश्वर अरुण दास महाराज ने कहा कि सच्चा मनुष्य दूसरों के दुख में साथ खड़ा होता है। अवध धाम के राधे-राधे महाराज ने जनसेवा दल की निस्वार्थ सेवाओं को सराहना की। उन्होंने कहा कि दल ने कोरोना काल में दिवंगत लोगों को भी सम्मानपूर्वक विदाई दी।
संत लोकेश दास महाराज ने कहा कि सेवा ही सच्चा धर्म है और यह दल इस धर्म का पालन पूरी निष्ठा से कर रहा है। जनसेवा दल के महासचिव चमनलाल गुलाटी ने बताया कि लावारिश शवों का अंतिम संस्कार कर उनकी अस्थि सुरक्षित रख लेते हैं।
वे इनका साल में एक बार गंगा में विसर्जन करते हैं। इस दौरान शिनाख्त होने पर संबंधित व्यक्ति के परिजन को अस्थि दे दी जाती हैं।