पानीपत। लोकसभा चुनाव में कई जगह फर्जी मतदान किए गए। जिले में ऐसे में कई मामले सामने आए हैं। कई मामलों में मौके पर समाधान कर दिया गया, जबकि कई लोगों को बिना मतदान की लौटना पड़ा।
कृष्णा देवी ने बताया कि उसकी उम्र 75 वर्ष है। उन्होंने हर चुनाव में खुद मतदान किया है। वह शनिवार को लोकसभा चुनाव के लिए अपने बेटों के साथ मतदान करने पहुंची थी। खादी आश्रम स्थित मतदान केंद्र पर उनको बताया कि उनका वोट पोल हो चुका है, जबकि उसने अपना मतदान नहीं किया है। उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनको बिना मतदान वापस जाना पड़ा। 75 साल की उम्र में पहली बार बिना मतदान के घर जाना पड़ा। प्रशासन को इस तरह की फर्जी वोटिंग रोकनी चाहिए।
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महिला का वोट डाला तो पति अधिकारियों के पास पहुंचा
तहसील कैंप के न्यू रमेश नगर निवासी सतनाम ने बताया कि वह राज मिस्त्री है। उसने शनिवार सुबह साढ़े सात बजे मतदान कर दिया था और उसके बाद अपने काम पर चला गया था। उसकी पत्नी मंजीत कौर दिन में अपना मतदान करने विश्व भारती स्कूल देशराज कॉलोनी में पहुंची। यहां उनको बताया कि उसका वोट डाल दिया गया है, जबकि उसने मतदान नहीं किया था। वह शनिवार शाम को काम से घर पहुंचा तो उसने मतदान के बारे में पूछा। वह अपनी पत्नी मंजीत कौर को साथ लेकर मतदान केंद्र पर पहुंचा। यहां अधिकारियों से बात की और अंगुली पर स्याही का निशान न होने के बारे में दिखाया। उसने 1950 पर फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। उसने काफी इंतजार किया और अधिकारियों ने बाद में उसकी पत्नी का मतदान कराया। सतनाम ने बताया कि लोकतंत्र में प्रत्येक वोट का महत्व है। एक-एक वोट से सरकार बनती और गिरती देखी हैं। इस तरह से फर्जी वोट नहीं होना चाहिए।