पानीपत। अब स्वास्थ्य विभाग नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग की मदद से डेंगू व मलेरिया पर अंकुश लगाएगा। दोनों ही विभागों को फॉगिंग दवा लेने के लिए आमंत्रित भी किया गया है। डेंगू व मलेरिया के केस मिलने पर नगर निगम शहर व जिला पंचायती राज विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग करेगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दोनों ही विभागों को फॉगिंग मशीन एक्टिव रखने के निर्देश दिए हैं। इस साल जिले में मलेरिया का एक व डेंगू के दो केस मिले हैं। जहां जहां यह केस मिले हैं वहां पर स्वास्थ्य विभाग ने एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाकर लोगों की ब्लड स्लाइड भी तैयार की हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों की डेंगू व मलेरिया की रिपोर्ट को मानने से इंकार कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि निजी अस्पतालों में जो डेंगू व मलेरिया के मरीज मिलेंगे। उन मरीजों की स्लाइड की दोबारा जिला नागारिक अस्पताल में जांच होगी। यहां जांच में पॉजिटिव मिलने पर ही उसे डेंगू व मलेरिया का मरीज माना जाएगा। वहीं सिविल सर्जन ने निजी अस्पतालों के लिए हिदायतें जारी की है कि डेंगू की जांच के लिए 600 रुपये का रेट निर्धारित किया गया है। अगर कोई इससे अधिक वसूलता मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। जिले में लगभग 200 लैब हैं जहां डेंगू व मलेरिया की जांच होती है।
एक अप्रैल से अब तक 445459 लाख घरों की जांच की गई है। 369 घरों में डेंगू का लार्वा मिला। अब तक 29667 कूलर की जांच की गई। 39 कूलर में लार्वा मिला। 224053 टंकी जांची गई। 73 टंकियों में लार्वा मिला। 99593 होदियों की जांच की गई। इनमें 50 में डेंगू का लार्वा मिला। अब तक 373584 कंटेनर जांचे गए 215 में लार्वा मिला। घरों के बाहर 5250 जगहों पर जांच की गई यहां दो जगह लार्वा मिला। 191825 फ्रिज की जांच की गई। इनमें आठ में डेंगू का लार्वा मिला। अब तक 957 कबाड़ी की दुकान में लार्वा जांचा गया, लेकिन यहां लार्वा नहीं मिला। विभाग ने अब तक 369 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किया है। पिछले पांच साल में जिले में डेंगू के 1192 मरीज मिल चुके हैं।
वर्जन :
जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग को फॉगिंग मशीन एक्टिव रखने को कहा गया है। दोनों ही विभाग फॉगिंग दवा स्वास्थ्य विभाग से ले सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग जिले में एंटी लार्वा एक्टिविटी लगातार चला रहा है। जिले में अब तक मलेरिया का एक व डेंगू के दो केस मिले हैं।