सहस्त्रफणी पारसनाथ भगवान की प्रतिमा का मस्तकाभिषेक करते जैन समाज के लोग। स्रोत : सोशल मीडिया
पानीपत। जैन मोहल्ला स्थित दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में तीन दिवसीय जिनेंद्र महाअर्चना के अंतिम दिन रविवार को कल्याण मंदिर विधान का आयोजन किया गया। इसमें प्राचीन श्री 1008 नेमिनाथ जिनालय में विराजमान अतिश्यकारी मनोवांछित फल प्रदाता की सहस्त्रफणी पारसनाथ के सानिध्य में आयोजन हुआ। जिनालय में विराजमान प्राचीन सहस्त्रफणी पारसनाथ भगवान की प्रतिमा का महा मस्तकाभिषेक किया गया। पंडित अभिषेत जैन शास्त्री ने बताया कि यह मंदिर अति प्राचीन है और यहां की प्रतिमाएं अतिशयकारी हैं। कार्यक्रम में जैन समाज के लोगों ने भाग लिया और सभी ने भगवान के मस्तक पर स्वर्ण व रजत कलशों से अभिषेक किया। भगवान के मस्तक पर भव्य शांति धारा का आयोजन भी किया गया। मांगलिक क्रिया पूर्ण कर कल्याण मंदिर विधान का आयोजन किया गया। सभी ने भक्तिभाव से भगवान की पूजा की। संवाद