फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: रिफाइनरी के सेंसर लॉक पर माफियाओं की डुप्लीकेट चाबी

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। रिफाइनरी के आसपास टैंकरों से पेट्रोल और डीजल चोरी करने में तेल कंपनी के अधिकारियों की सह भी सामने आई है। बड़ा सवाल यह है कि कंपनी टैंकरों पर सेंसर लॉक लगाती है। चाबी सिर्फ तेल कंपनी के डिपो और पेट्रोल पंप मालिकों के पास होती है। माफिया डुप्लीकेट चाबी की मदद से आसानी से ताला खोल लेते हैं। एक टैंकर से 20 से 30 लीटर तक तेल चोरी कर उसमें केमिकल मिला देते हैं। वेलफेयर एसोसिएशन इन विषयों को लेकर कार्रवाई के लिए जल्द ही पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेगा। रिफाइनरी के एक अधिकारी ने बताया कि मार्केटिंग विभाग समय-समय पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराता है।
विज्ञापन

अमर उजाला ने पानीपत रिफाइनरी के आसपास तेल चोरी के मामले में पड़ताल की। इसमें सामने आया कि टैंकरों से तेल चोरी की कहानी पुरानी है। रिफाइनरी के मार्केटिंग विभाग की इसमें सीधी कार्रवाई बनती है। तेल चोरी के मामले बढ़ने के बाद टैंकरों पर आधुनिक सेंसर लॉक लगाया जाने लगा। इसका पंप मालिक के साथ बाकायदा एग्रीमेंट होता है। इसके अनुसार कंपनी को तेल की पूरी पहुंच देनी होती है। लॉक का मंथली चार्ज एक हजार से 12सौ रुपये तक लिया जाता है। इन सबके बीच माफिया रिफाइनरी से कुछ दूरी पर ही डुप्लीकेट चाबी की मदद से लॉक खोलकर आसानी से तेल चोरी कर लेते हैं। वे इसमें दूसरा केमिकल मिलाकर तेल पूरा कर देते हैं। तकनीकी जानकारों की मानें तो पेट्रोल और डीजल में केमिकल मिलाने से वाहन के इंजन को नुकसान होता है।
रिफाइनरी रोड पर तेल चोरी का खेल सामने आने के बाद कई ठिकानों पर पूरा दिन दृश्य बदला हुआ मिला। कुछ लोगों ने सावधानी की दृष्टि से काले धंधे को बंद रखा, जबकि कुछ ने आसपास चौकसी बढ़ा दी। वे हर आने-जाने वाले वाहन पर बारीकी से नजर रखे हुए थे।
विज्ञापन


रिफाइनरी के मार्केटिंग विभाग और पंप मालिक के बीच एग्रीमेंट होता है। इसके अनुसार तेल पूरा पहुंचाना होता है। पंप मालिक को तेल चोरी होने से नुकसान उठाना पड़ता है। एसोसिएशन इसे लेकर जल्द ही पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेगा।
विज्ञापन

- संजीव चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष, पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें